जौनपुर: मशरूम उत्पादन से स्वावलंबी बनीं नरी गांव की महिलाएं
जौनपुर: मशरूम की खेती से लखपति बन रहीं नरी गांव की महिलाएं, CDO ने किया स्वयं सहायता समूह का निरीक्षण; ब्रांडिंग व मार्केट उपलब्ध कराने का दिया आश्वासन”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
ग्रामीण इलाकों में महिलाएं अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नकदी फसलों और उद्यम के जरिए स्वावलंबन की नई मिसाल पेश कर रही हैं।
इसी कड़ी में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) नरेन्द्र बहादुर सिंह ने विकासखंड बक्सा के ग्राम पंचायत नरी में मशरूम उत्पादन का बेहतरीन कार्य कर रहे ‘जन कल्याण आजीविका स्वयं सहायता समूह’ का सघन निरीक्षण किया।
सीडीओ ने महिलाओं के अथक प्रयासों और उद्यमिता की जमकर सराहना की और उन्हें सरकारी स्तर पर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
एक सीजन में 3.5 लाख तक की कमाई, 150 महिलाओं को दिया प्रशिक्षण
निरीक्षण के दौरान समूह की अध्यक्ष श्रीमती साधना खरवार ने सीडीओ को अपने व्यवसाय की प्रगति रिपोर्ट साझा की।
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शानदार आमदनी: साधना ने बताया कि मशरूम उत्पादन से समूह को प्रत्येक सीजन में लगभग 3 से 3.50 लाख रुपए की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है।
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रोजगार का सृजन: इस स्वरोजगार से न केवल समूह की 10 अन्य महिलाएं सीधे तौर पर जुड़ी हैं, बल्कि साधना ने ग्रामीण अंचल के अन्य 15 समूहों की 150 से अधिक दीदियों को भी मशरूम उत्पादन का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया है। अब वे महिलाएं भी मशरूम उत्पादन कर अपनी आजीविका को सुदृढ़ कर रही हैं।
CDO के प्रमुख निर्देश और सहायता का आश्वासन
मुख्य विकास अधिकारी नरेन्द्र बहादुर सिंह ने महिलाओं के इस प्रयास को और बड़े स्तर पर ले जाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए और प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया:
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ब्रांडिंग और पैकेजिंग: उत्पादों को बाजार में बेहतर कीमत दिलाने के लिए अच्छी पैकेजिंग और पेशेवर ब्रांडिंग करने के निर्देश दिए गए।
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कमर्शियल स्पेस (व्यावसायिक स्थान): जनपद स्तर पर समूह के मशरूम और अन्य उत्पादों की बिक्री के लिए एक उचित व्यावसायिक स्थान (Commercial Place) उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।
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सरकारी और CSR फंड से मदद: मशरूम उत्पादन का दायरा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त शेड निर्माण के निर्देश दिए गए। साथ ही, क्षमता संवर्धन (Capacity Building) के लिए अन्य विभागों से कन्वर्जेंस (समन्वय) और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के जरिए आर्थिक सहयोग दिलाने की बात भी कही।
📊 मशरूम उत्पादन से महिला सशक्तिकरण (एक नज़र में)
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महत्वपूर्ण बिंदु (Key Highlights) |
विस्तृत विवरण (Details) |
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📍 स्थान |
ग्राम पंचायत नरी, विकासखंड बक्सा (जौनपुर)। |
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👥 कार्य करने वाली संस्था |
जन कल्याण आजीविका स्वयं सहायता समूह। |
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👩💼 समूह अध्यक्ष |
श्रीमती साधना खरवार। |
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💰 आय (प्रति सीजन) |
लगभग 3.00 लाख से 3.50 लाख रुपए। |
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📈 रोजगार व प्रशिक्षण |
समूह की 10 महिलाएं कार्यरत; अन्य 15 समूहों की 150+ महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया। |
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🤝 प्रशासन का सहयोग (CDO के निर्देश) |
बेहतर ब्रांडिंग/पैकेजिंग, जिले में कमर्शियल स्पेस, शेड निर्माण और CSR फंड से सहायता। |











