अमित शाह ने बस्तर में दिव्यांगों को बांटे कृत्रिम अंग, कहा- नक्सलवाद समाप्त
बस्तर के घावों पर मरहम: अमित शाह बोले- देश से नक्सलवाद समाप्त, अब पीड़ितों को सम्मानपूर्वक जीवन देना हमारा संकल्प
नई दिल्ली/रायपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : कृष्णा सोनी की रिपोर्ट
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत एक भावुक और कड़ा संदेश दिया है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा से पीड़ित और सामान्य दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया।
श्री शाह ने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि मोदी सरकार के दृढ़ संकल्प के चलते 31 मार्च 2026 की तय समयसीमा से पहले ही पूरे देश से नक्सलवाद समाप्त कर दिया गया है।
बस्तर की पीड़ा और घावों पर मरहम
कार्यक्रम के दौरान श्री शाह ने कहा कि 5 दशकों तक चले नक्सलवाद ने बस्तर के गरीब आदिवासियों को गहरे घाव दिए हैं।
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मानवाधिकार का हनन: उन्होंने कहा, “राजनीतिक उद्देश्यों के लिए निर्दोष नागरिकों को IED लगाकर दिव्यांग बनाने से बड़ा मानवाधिकार का हनन और कोई नहीं हो सकता।”
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सहायता शिविर: 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक जगदलपुर में आयोजित शिविर में 3,600 से अधिक दिव्यांग लाभान्वित हुए, जिनमें से 1,570 अकेले बस्तर से थे, जो बस्तर की पीड़ा का प्रतीक है।
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वितरित उपकरण: सरकार द्वारा पीड़ितों को कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, ट्राइसिकल, बैसाखी, श्रवण यंत्र और स्मार्ट वॉकिंग स्टिक दिए जा रहे हैं, ताकि वे दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
विकास की ओर लौटता बस्तर: नक्सली कैंप बने ‘सेवा डेरा’
गृह मंत्री ने नक्सलवाद खत्म होने के बाद बस्तर के पुनर्निर्माण की दिशा में हो रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी:
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‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’: सरकार ने जो 500 से अधिक सुरक्षा शिविर (CRPF Camps) बनाए थे, उनमें से 200 शिविरों को अब जनसेवा केंद्रों में बदला जा रहा है।
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जहां पहले जवान सुरक्षा करते थे, अब वहां अधिकारी बैठकर ‘विकसित बस्तर’ की नींव डालेंगे।
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नक्सलियों का आत्मसमर्पण व पुनर्वास: लगभग 8,526 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें से 7,328 के बैंक खाते खोले गए, 1,620 को इनामी राशि, 7,882 को प्रोत्साहन राशि, 455 को नौकरी, 129 को जमीन और 4,014 को पीएम आवास दिए गए हैं।
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बुनियादी ढांचा: 372 नए सड़क प्रोजेक्ट और 670 पुलिया बनाई जा रही हैं। 2,808 परिवारों को मुफ्त बिजली और 48,526 लोगों को आधार कार्ड दिए गए हैं।
खेल, कला और संस्कृति का पुनरुद्धार
अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने बस्तर ओलंपिक, ‘बस्तर पंडुम’ (कला व संस्कृति का पुनरुद्धार), ‘नियद नेल्लानार’ और मुख्यमंत्री बस योजना के जरिए बस्तर को फिर से हंसता-खेलता बनाने का काम किया है।
उन्होंने कहा, “जिस बस्तर में कभी गोलियों की आवाज और बम धमाके सुनाई देते थे, वहां आज हजारों युवा खेलों में भाग ले रहे हैं।”
इस पुनीत कार्य में राज्य सरकार के साथ-साथ ‘भगवान महावीर विकलांगता सहायता समिति’ (जयपुर) और ‘भारतीय जैन संघ’ का भी बड़ा योगदान रहा है।
📊 नक्सलवाद की समाप्ति व बस्तर का विकास
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प्रमुख बिंदु (Key Highlights) |
विस्तृत आंकड़े व जानकारी (Data & Details) |
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🎯 नक्सलवाद समाप्ति लक्ष्य |
31 मार्च 2026 (लक्ष्य प्राप्त, देश नक्सल मुक्त घोषित)। |
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🦿 दिव्यांगों को सहायता |
बस्तर और जगदलपुर में 3,600+ पीड़ितों को कृत्रिम अंग व उपकरण। |
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🏳️ नक्सलियों का आत्मसमर्पण |
8,526 नक्सलियों ने हथियार डाले। |
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🏘️ आत्मसमर्पितों का पुनर्वास |
4,014 को पीएम आवास, 455 को नौकरी, 129 को जमीन आवंटित। |
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🏕️ सुरक्षा कैंप से जनसेवा तक |
200 सुरक्षा कैंपों को ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ में बदला जाएगा। |
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🛣️ बुनियादी ढांचे का विकास |
372 नए सड़क प्रोजेक्ट, 670 पुलिया का निर्माण जारी। |
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⚽ सांस्कृतिक व खेल पहल |
बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम और नियद नेल्लानार योजना। |











