जौनपुर: स्कूली बसों के कागजात 3 दिन में पूरे करें, वरना होगी कार्रवाई
जौनपुर: स्कूली बसों की फिटनेस और परमिट 3 दिन में करें पूरी, वरना रद्द होगी स्कूलों की मान्यता”
THE POLITICS AGAIN डेस्क: अब्दुल हई राजा की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सख्त नजर आ रहा है। जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ‘जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति’ की एक अहम बैठक संपन्न हुई।
इस बैठक में जिले के विभिन्न स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि वे 3 दिन के अंदर अपनी स्कूली बसों के अधूरे कागजात पूरे कर लें, अन्यथा उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सैकड़ों बसें बिना फिटनेस और परमिट के
बैठक के दौरान शासन द्वारा संचालित ‘स्कूल वाहन निगरानी पोर्टल’ (School Vehicle Monitoring Portal) पर दर्ज आंकड़ों की विस्तृत समीक्षा की गई।
यह पोर्टल विशेष रूप से स्कूली वाहनों की निगरानी और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।
आंकड़ों से यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि जिले में 113 वाहन ऐसे हैं जो फिटनेस टेस्ट में फेल हो चुके हैं, जबकि 244 स्कूली वाहन बिना परमिट के या समाप्त हो चुके परमिट के साथ ही संचालित हो रहे हैं।
जिलाधिकारी ने इस घोर लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए सभी स्कूल प्रबंधकों को महज 3 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
स्कूली बसों के लिए अनिवार्य नियम
जिलाधिकारी ने बैठक में सख्त हिदायत दी कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी विद्यालयों को निम्नलिखित मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा:
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स्कूली वाहन निर्धारित गति सीमा के भीतर ही चलाए जाएं।
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प्रत्येक बस में ‘स्पीड लिमिट डिवाइस’ अनिवार्य रूप से लगा होना चाहिए।
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वाहन चलाते समय चालक मोबाइल फोन का बिल्कुल प्रयोग न करें।
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विद्यालय की बसें अनिवार्य रूप से पीले रंग में रंगी होनी चाहिए।
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बस के आगे और पीछे के हिस्से पर “विद्यालय बस” और स्कूल का नाम स्पष्ट अक्षरों में लिखा होना चाहिए।
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आपातकालीन स्थिति के लिए सभी बसों में ‘फर्स्ट एड बॉक्स’ और ‘अग्निशमन यंत्र’ (Fire Extinguisher) लगा होना चाहिए।
लापरवाही पर रद्द होगी विद्यालय की मान्यता
जिला विद्यालय निरीक्षक देवेन्द्र कुमार सिंह ने भी स्कूलों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों की बसों के प्रपत्र (कागजात) पूरे नहीं हैं, वे 3 दिन के अंदर हर हाल में इसे दुरुस्त करा लें।
ऐसा न करने पर संबंधित विद्यालय की मान्यता वापस लेने (प्रत्यर्पण) की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सभी स्कूलों को अपने स्तर पर विद्यालय सुरक्षा समिति की बैठक कर उसकी कार्यवृत्ति (Minutes) को पोर्टल पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में इनकी रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अम्बष्ट, एआरटीओ (प्रवर्तन) सत्येन्द्र कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक देवेन्द्र कुमार सिंह, बीएसए डॉ. समीर, यात्री/मालकर अधिकारी प्रमोद कुमार, सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक) अशोक कुमार यादव, नगर पालिका ईओ धर्मराज राम, यातायात निरीक्षक मनोज कुमार पाण्डेय सहित जिले के तमाम स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।











