PM Narendra Modi addressing a media event about next generation reforms and infrastructure development in India

पीएम मोदी: भारत में नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स, ‘प्रोहिबिटेड’ से ‘परमिटेड’ की ओर

पीएम मोदी का ऐलान: ‘प्रोहिबिटेड’ से ‘परमिटेड’ की ओर भारत, नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स से बदल रही शासन व्यवस्था”

नई दिल्ली : संतोष सेठ की रिपोर्ट, THE POLITICS AGAIN

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि भारत में नीति और शासन के स्तर पर ‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स’ (अगली पीढ़ी के सुधार) तेजी से लागू किए जा रहे हैं।

शुक्रवार को एक मीडिया संस्थान के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश की व्यवस्था अब ‘प्रोहिबिटेड अनलेस परमिट’ (अनुमति मिलने तक प्रतिबंधित) की पुरानी सोच से बाहर निकलकर ‘परमिटेड अनलेस प्रोहिबिटेड’ (कानून में रोक न होने तक अनुमति) की नई दिशा में आगे बढ़ रही है।

इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाना और देश के विकास को गति देना है।

वैश्विक चिंताओं के बीच भारत बना ‘ब्राइट स्पॉट’

दुनिया भर में संसाधनों के शस्त्रीकरण और विकास को लेकर मची उथल-पुथल के बीच भारत एक ‘ब्राइट स्पॉट’ के रूप में उभरा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • जियोस्पेशियल तकनीक और ड्रोन के नियमों में ढील (डीरेगुलेशन) से स्टार्टअप्स को नया बाजार मिला है।

  • सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में ही सीमा सड़क संगठन (BRO) ने 250 से अधिक परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया है।

99.9% समयबद्धता और रेलवे में स्वच्छता का नया मॉडल

सुशासन का अर्थ केवल नीतियां बनाना नहीं, बल्कि उन्हें समय पर जमीन पर उतारना भी है। पीएम मोदी ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर और दिल्ली मेट्रो का उदाहरण देते हुए बताया कि इनकी समयबद्धता 99.9 प्रतिशत है।

भारतीय रेलवे में आए बदलावों को सुशासन का बड़ा उदाहरण बताते हुए उन्होंने कुछ प्रमुख आंकड़े साझा किए:

  • 2014 से पहले ट्रेनों में मात्र 12,000 बायो-टॉयलेट थे।

  • 2014 के बाद से अब तक 3.60 लाख से ज्यादा बायो-टॉयलेट लगाए जा चुके हैं।

  • पिछले 10 वर्षों में 97 फीसदी से अधिक बायो-टॉयलेट इंस्टॉल किए गए, जिससे पटरियों पर गंदगी की समस्या खत्म हुई और यात्रियों की गरिमा सुनिश्चित हुई।

पुराने कानूनों का खात्मा और PLI से प्रोत्साहन

कारोबारियों और उद्योगों पर अनुपालन (Compliance) का बोझ कम करने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं:

  • 19वीं सदी के ब्रिटिश दौर के कानून की जगह नया ‘बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल’ लाया गया है, जिससे डिजिटल रिकॉर्ड्स को कानूनी मान्यता मिली है।

  • पिछले कुछ वर्षों में 40,000 से अधिक अनुपालन हटाए गए हैं और 1,500 से ज्यादा पुराने कानूनों को रद्द किया गया है।

पीएम मोदी ने बताया कि पहले की सरकारों में ‘प्रोडक्शन लिंक्ड पनिशमेंट’ (PLP) का माहौल था, जहां ज्यादा उत्पादन करने पर उद्योगपतियों को दंडित किया जाता था।

लेकिन अब सरकार ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव’ (PLI) योजना के तहत उत्पादन बढ़ाने पर प्रोत्साहन दे रही है, ताकि देश में नए अवसर पैदा हों और अर्थव्यवस्था मजबूत हो।

क्या आप इस रिपोर्ट में पाठकों की सुविधा के लिए PLI योजना से जुड़े कुछ अतिरिक्त आर्थिक आंकड़े या बॉक्स शामिल करना चाहेंगे?