जौनपुर : 5 साल पुराने चकबंदी वादों के निस्तारण का निर्देश जारी
जौनपुर: चकबंदी वादों के निस्तारण में लापरवाही पर DM सख्त, सभी चकबंदी अधिकारियों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी करने के निर्देश”
जौनपुर : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
जौनपुर जनपद में चकबंदी से जुड़े पुराने वादों और जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
सोमवार को जिलाधिकारी (DM) सैमुअल पाल एन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में चकबंदी विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
बैठक के दौरान वादों के निस्तारण में अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और सभी चकबंदी अधिकारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी करने के सख्त निर्देश दिए।
5 वर्ष पुराने मामलों का 2 महीने में हो निस्तारण
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने चकबंदी विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
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अल्टीमेटम: जिलाधिकारी ने 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों को तुरंत चिह्नित करने और आगामी 2 माह (महीने) के भीतर उनका पूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
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भूचित्र एकत्रीकरण: इसके साथ ही, उन्होंने लालपुर में भूचित्र एकत्रित करने की प्रक्रिया को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
न्यायालयों के निरीक्षण के लिए बनेगा रोस्टर
चकबंदी संबंधी वादों की नियमित निगरानी और उनकी वस्तुस्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है।
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उन्होंने मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO), अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और बन्दोबस्त अधिकारी चकबंदी को निर्देश दिया कि वे एक ‘रोस्टर’ तैयार करें।
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इस रोस्टर के आधार पर चकबंदी न्यायालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए ताकि वादों के निस्तारण की वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
धारा-52 और कब्जा परिवर्तन की समीक्षा
बैठक में जिलाधिकारी ने चालू माह में चकबंदी अधिनियम की धारा-52 के अंतर्गत लक्षित ग्रामों की संख्या और पुराने गांवों में कब्जा परिवर्तन की प्रगति के संबंध में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि चकबंदी से संबंधित जो भी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
सभी अधिकारी अपने दायित्वों को गंभीरता से लें और लंबित प्रकरणों को जल्द से जल्द सुलझाएं।
इस समीक्षा बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अम्बष्ट, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी शैलेश कुमार पाण्डेय सहित चकबंदी विभाग के अन्य सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
📊 चकबंदी विभाग समीक्षा बैठक
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मुख्य बिंदु (Key Directives) |
जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन के निर्देश |
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😡 प्रशासनिक कार्रवाई |
कार्य में लापरवाही पर सभी चकबंदी अधिकारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’। |
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⏳ लंबित वादों पर अल्टीमेटम |
5 वर्ष से अधिक पुराने लंबित मामलों को चिह्नित कर 2 महीने के भीतर निस्तारण करें। |
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📋 न्यायालयों का निरीक्षण |
CRO, ADM (F/R) और बंदोबस्त अधिकारी रोस्टर बनाकर चकबंदी न्यायालयों का निरीक्षण करेंगे। |
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📍 अन्य महत्वपूर्ण निर्देश |
लालपुर में भूचित्र एकत्रित करना; धारा-52 के तहत लक्षित गांवों और कब्जा परिवर्तन के मामलों में तेजी लाना। |
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🎯 प्राथमिकता |
चकबंदी से जुड़ी जन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और त्वरित निस्तारण। |











