जौनपुर: मलेरिया के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, आशाओं को मिली ट्रेनिंग
जौनपुर: स्वास्थ्य विभाग का ‘मलेरिया मुक्त’ अभियान तेज; CHC से लेकर गांवों तक आशाओं को ट्रेनिंग, घर-घर हो रहा सर्वे “
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
मानसून और मच्छरों के पनपने के मौसम को देखते हुए जौनपुर का स्वास्थ्य विभाग ‘एक्शन मोड’ में आ गया है।
जिले को मलेरिया और फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने ग्रामीण और शहरी इलाकों में बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता, सोर्स सर्वे और निरोधात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।
धर्मापुर ब्लॉक और शहरी इलाकों में विशेष अभियान
गुरुवार को धर्मापुर ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) चोरसण्ड में एक बड़ी गोष्ठी और प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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ग्रामीण अंचल में एक्शन: CHC अधीक्षक डॉ. श्रवण यादव और सहायक मलेरिया अधिकारियों की मौजूदगी में क्षेत्रीय आशा कार्यकर्ताओं (ASHAs) को प्रशिक्षित किया गया।
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गांवों में ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ के स्तर पर भी CHOs और आशाओं द्वारा घर-घर जाकर सर्वे और स्वास्थ्य शिक्षा का कार्य किया जा रहा है।
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शहरी क्षेत्र में छिड़काव: नगरीय क्षेत्र के मियापुर और हुसैनाबाद में सुपरवाइजर शिवशंकर वर्मा के नेतृत्व में एंटीलार्वल स्प्रे (Anti-larval spray), ब्रीडिंग सोर्स (मच्छर पनपने की जगह) को नष्ट करने और पोस्टर-पैम्फलेट बांटने का अभियान चलाया गया।
जौनपुर में मलेरिया के आंकड़े और स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
जनपद जौनपुर में मलेरिया नियंत्रण की स्थिति फिलहाल स्थिर है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में जिले में मलेरिया के कुल 14 केस सामने आए थे।
जबकि 2026 में अब तक 6 केस रिपोर्ट हुए हैं। राहत की बात यह है कि जिले में मलेरिया से किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है।
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मुफ्त जांच और इलाज: जिले के सभी CHC, PHC, जिला चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मलेरिया की मुफ्त जांच किट, दवाएं और फ्लूड पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
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रैपिड रिस्पांस टीम (RRT): जिले और ब्लॉक स्तर पर विशेष टीमें गठित की गई हैं। यदि कहीं से मलेरिया का केस रिपोर्ट होता है, तो ये टीमें 24 से 48 घंटे के भीतर मरीज के घर पहुंचकर निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करती हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी की अपील: क्या करें, क्या न करें
मलेरिया मादा ‘एनाफिलीज’ मच्छर के काटने से फैलता है और लापरवाही बरतने पर यह जानलेवा (विशेषकर प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम) हो सकता है।
इसे देखते हुए जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव ने जनपदवासियों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है:
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क्या करें: अपने घर के आस-पास साफ-सफाई रखें, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और बुखार होने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में निःशुल्क जांच कराएं।
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क्या न करें: घरों के आस-पास जलभराव न होने दें, नालियों में कूड़ा न डालें। झोलाछाप डॉक्टरों से बचें और बिना प्रशिक्षित चिकित्सक की सलाह के खुद से कोई दवा न खाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने एक नया नारा देते हुए लोगों को सतर्क किया है— “बुखार में देरी, पड़ सकती है भारी; समय से जांच, उपचार कराएं, निभाएं जिम्मेदारी।”











