जौनपुर : पाकिस्तानी जेल में मौत के बाद बाघा बार्डर पहुंचा घुरहु बिंद का शव

“जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र ने अवगत कराया गया है कि जनपद के बसीरहा गांव निवासी मछुआरे घुरहू बिंद जो पाकिस्तान जेल में बंद थे तथा उनकी मृत्यु पाकिस्तान के कराची जेल में हुई है, उनके पैतृक गांव में पार्थिव शरीर पहुंचने के पश्चात संवेदनशीलता बरतते हुए परिवार की हर संभव मदद की जाए”

जौनपुर 18 / 04 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश है कि ऐसे लोग जो गरीब है जो जीरो पॉवर्टी के अंतर्गत आते हैं उनका सत्यापन कराया जाए तथा उनको विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत आच्छादित किया जाए। इसी क्रम में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है जिसके अंतर्गत तहसीलदार, मत्स्य अधिकारी तथा खंड विकास अधिकारी को सत्यापन हेतु उनके गांव भेजा गया।

इसके पश्चात निर्णय लिया गया कि जैसे ही पार्थिव शरीर आएगी, उपरोक्तानुसार परिवार को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सुविधाएं दी जाएगी इसके साथ ही परिवार की आर्थिक स्थितियों का, परिस्थितियों का अध्ययन करते हुए मृतक के परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास दिए जाने हेतु सर्वेक्षण कराने तथा विधवा पेंशन का भी फॉर्म भरवाने के निर्देश दिए गए।

मृतक के परिवार के बच्चों को मत्स्य विभाग योजना अंतर्गत तथा समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत योजनाओं से आच्छादित कर दिया जाएगा। इस दुख की घड़ी में परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।

पाक से बाघा बार्डर पहुंचा घुरहु का शव

केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर बृहस्पतिवार को कराची जेल से बसीरहा गांव निवासी घुरहू का शव भारत सरकार को अमृतसर के अटारी बाघा बार्डर पर सौंप दिया गया। शव को बार्डर के पास मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है। गुजरात सरकार के मत्स्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

इधर, डीएम ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर घुरहु के घर भेजा। कुछ दिनों में परिवार को आवास दिलाया जाएगा। मत्स्य विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार घुरहू का शव बृहस्पतिवार को दोपहर में पाकिस्तान से लगी भारत की अटारी बाघा बार्डर पर पहुंच गया।

उसके शव को सेना द्वारा मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखवाया गया है। घुरहू गुजरात प्रांत में एक निजी फर्म के अधीन मछली पकड़ने का काम कर रहा था। इसलिए शव को लेने का अधिकार गुजरात सरकार के मत्स्य पालन विभाग को दिया गया है। हालांकि घुरहु उत्तर प्रदेश का निवासी है, इसलिए उसका पार्थिव शरीर यूपी आना है।

मछली पालन विभाग के अधिकारी शव लेकर अपने गुजरात जाएंगे। जहां से कार्य स्थल पर पहुंच कर कंपनी को सौंपेंगे। तब शव कंपनी द्वारा बसिरहा गांव स्थित घुरहु के आवास पर लाया जाएगा।