जौनपुर जिले में नशे के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम ने 'दोहरे' की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और बिना डॉक्टर की पर्ची के मनः प्रभावी दवाएं बेचने वाले मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
जौनपुर में नशे के खिलाफ DM का बड़ा एक्शन: ‘दोहरे’ की बिक्री पर पूर्ण रोक, स्कूलों के पास नहीं दिखनी चाहिए गुटखे की दुकान”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
जिले में युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाने और अवैध मादक पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए जौनपुर प्रशासन ने अपना शिकंजा कस दिया है।
जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में मंगलवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में NCORD (नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर) की जिला स्तरीय समिति की मासिक बैठक संपन्न हुई, जिसमें नशे के कारोबारियों और मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेगी कोई ‘मनः प्रभावी’ दवा ड्रग्स और नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए जिलाधिकारी ने ड्रग विभाग और संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं:
जनपद के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि किसी भी प्रकार की मनः प्रभावी (Psychotropic) दवाएं केवल चिकित्सक के परामर्श (प्रिस्क्रिप्शन) पर ही बेची जाएं।
यदि कोई मेडिकल हॉल बिना प्रिस्क्रिप्शन के ऐसी दवाओं की बिक्री करता पाया जाता है, तो निरीक्षण के बाद उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिले में गुटखा और तंबाकू के साथ मिलाकर बेचे जाने वाले ‘दोहरे’ (Dohra) पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
जिलाधिकारी ने जनपद में दोहरे की बिक्री पर पूर्ण रूप से रोक लगाने का आदेश दिया है।
खाद्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह दोहरा, मिलावटी गुटखा आदि की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए।
बाजारों, मंडियों और ढाबों पर नियमित छापेमारी की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी।
छात्रों को नशे से दूर रखने के लिए शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन को आपसी समन्वय स्थापित करने को कहा गया है।
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी विद्यालय के आसपास पान, गुटखा या तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वाली कोई दुकान या स्टॉल न हो।
रेलवे और बस स्टेशनों के आसपास भी पान मसाला और गुटखा/दोहरा बेचने वाली दुकानों की सघन चेकिंग की जाएगी।
ड्रग्स की तस्करी और परिवहन पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों (Highways) पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जाएगी।
इसके लिए एक संयुक्त टीम का गठन किया जाएगा। इसके अलावा, सार्वजनिक और दूरस्थ/सुनसान स्थानों पर जहां ड्रग्स की बिक्री की संभावना होती है, वहां पुलिस को नियमित पेट्रोलिंग (गश्त) बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला आबकारी अधिकारी विष्णु प्रताप सिंह सहित NCORD समिति के अन्य सभी सदस्यगण मौजूद रहे।
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