जौनपुर डीएम ने आईजीआरएस की समीक्षा कर, चार विभागों को दी चेतावनी
जौनपुर: जन शिकायतों पर DM सैमुअल पॉल सख्त, लापरवाही पर 4 विभागों को दी कड़ी चेतावनी”
THE POLITICS AGAIN डेस्क: अब्दुल हई राजा की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में जन शिकायतों (IGRS) के निस्तारण में हीलाहवाली करने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं है।
शुक्रवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में आईजीआरएस (Integrated Grievance Redressal System) शिकायतों को लेकर एक अहम समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
इस बैठक में डीएम ने कड़े तेवर दिखाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का समाधान सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होना चाहिए।
एक-एक शिकायत की हुई समीक्षा, पढ़े गए निस्तारण आख्या
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागवार शिकायतों के निस्तारण की बेहद बारीकी से समीक्षा की।
लापरवाही पकड़ने के लिए उन्होंने खुद अधिकारियों के सामने निस्तारण आख्या (Disposal Reports) को पढ़कर सुनाया।
जिन शिकायतों के निस्तारण में कमियां पाई गईं, वहां डीएम ने तत्काल आवश्यक सुधार के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए।
उन्होंने सभी अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि शिकायतों का निस्तारण तय समय-सीमा के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
किसी भी स्थिति में फरियादी की तरफ से नकारात्मक फीडबैक (Negative Feedback) नहीं आना चाहिए।
इन 4 विभागों के अधिकारियों पर भड़के डीएम
समीक्षा के दौरान कुछ विभागों के कामकाज का तरीका बेहद निराशाजनक पाया गया। जिलाधिकारी ने निम्नलिखित चार विभागों के प्रति अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की:
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स्वास्थ्य विभाग
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विद्युत (बिजली) विभाग
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जल निगम विभाग
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पंचायती राज विभाग
डीएम ने इन विभागों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर आ रही शिकायतों को गंभीरता से लें और उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ और लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
इनकी रही मौजूदगी
बैठक के दौरान जन शिकायतों की जवाबदेही तय करने के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO) श्री अजय अंबष्ठ सहित जनपद स्तर के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।
प्रशासन की इस सख्ती के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि जिले में जन शिकायतों के निपटारे में तेजी और पारदर्शिता आएगी।











