JAUNPUR

Jaunpur : कोर्ट का बड़ा एक्शन, जौनपुर DM का आधा वेतन रोकने का आदेश

जौनपुर: कोर्ट का चला ‘हंटर’, DM का आधा वेतन रोकने का आदेश; लापरवाही पर तहसीलदार को भी अवमानना की चेतावनी “

जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट 

सड़क दुर्घटना के एक मामले में पीड़ित को क्षतिपूर्ति (मुआवजा) न दिला पाने और अदालत के आदेशों की अनदेखी करने पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) ने बेहद सख्त रुख अपनाया है।

अधिकरण के जज मनोज कुमार अग्रवाल ने वाराणसी के मंडलायुक्त (कमिश्नर) एस. राजलिंगम को जौनपुर के जिलाधिकारी (DM) का आधा वेतन रोकने का कड़ा आदेश जारी किया है। कोर्ट ने डीएम के कृत्य को आपत्तिजनक मानते हुए यह कार्रवाई की है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला सुजानगंज थाना क्षेत्र के फत्तूपुर निवासी रामलाल से जुड़ा है। 16 फरवरी 2019 को रामलाल मोटरसाइकिल से अपनी ससुराल जा रहे थे, तभी एक टेंपो चालक की लापरवाही के कारण वह दुर्घटना का शिकार हो गए और उनका पैर कई जगह से टूट गया।

पीड़ित ने टेंपो मालिक गुलाम हसन (निवासी मुंगराबादशाहपुर) और ‘द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी’ के खिलाफ मुआवजे का मुकदमा दायर किया था।

सुनवाई के दौरान पता चला कि टेंपो चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, इसलिए कोर्ट ने बीमा कंपनी को दायित्व से मुक्त करते हुए वाहन स्वामी को 1.60 लाख रुपये और 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया था। यह भुगतान 21 जनवरी 2025 तक किया जाना था।

तहसीलदार और DM की लापरवाही बनी गले की फांस

वाहन स्वामी द्वारा भुगतान न करने पर कोर्ट ने वसूली (Recovery) नोटिस जारी किया था। लेकिन मछलीशहर के तहसीलदार ने न तो वसूली कराई और न ही अदालत को कोई स्पष्टीकरण दिया।

इस पर कोर्ट ने पहले तहसीलदार का आधा वेतन रोकने का आदेश दिया था। अधिकरण की नाराजगी तब और बढ़ गई जब जिलाधिकारी जौनपुर की ओर से तहसीलदार का वेतन रोकने के संबंध में न तो कोई आख्या (रिपोर्ट) प्रस्तुत की गई और न ही आदेश का अनुपालन कराया गया।

इसी लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए जज ने अब सीधे जिलाधिकारी का ही आधा वेतन रोकने का आदेश दे दिया है।

तहसीलदार को हाईकोर्ट से अवमानना की चेतावनी

इसके साथ ही अदालत ने मछलीशहर के तहसीलदार को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना (Contempt of Court) की कार्रवाई के लिए मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट को संदर्भित कर दिया जाए। मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

DM जौनपुर का पक्ष

इस बड़े आदेश पर जौनपुर के जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र का कहना है कि, “मुझे अभी इस आदेश की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है और न ही आदेश की कॉपी मिली है। जानकारी और कॉपी मिलने के बाद आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।”

Santosh SETH

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