जौनपुर में दर्दनाक अग्निकांड: शॉर्ट सर्किट से छप्पर में लगी आग, जिंदा जला 68 वर्षीय बुजुर्ग | The Politics Again
जौनपुर में दर्दनाक हादसा: शॉर्ट सर्किट से छप्पर में लगी आग, चारपाई पर जिंदा जल गया 68 वर्षीय बुजुर्ग; 3 दिन पहले ही हुई थी पत्नी की मौत
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
जौनपुर जिले के महराजगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद दिल दहला देने वाली और दर्दनाक घटना सामने आई है।
यहां शनिवार देर रात शॉर्ट सर्किट के चलते एक रिहायशी छप्पर (मड़हे) में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में एक 68 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति की जिंदा जलकर मौत हो गई।
बुजुर्ग का बायां पैर टूटा हुआ था, जिसके कारण वह भाग नहीं सका और आग की लपटों के बीच चारपाई पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
विडंबना यह है कि मृतक की पत्नी का महज तीन दिन पहले ही निधन हुआ था। इस दोहरे बज्रपात से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
टूटे पैर के कारण नहीं भाग सका बुजुर्ग, लगाता रहा गुहार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महराजगंज थाना क्षेत्र के बरहूपुर गांव निवासी भूलन सरोज (68 वर्ष) शनिवार रात खाना खाने के बाद अपने छप्पर के मड़हे में सोने चले गए थे।
परिवार के अन्य सदस्य कुछ दूरी पर सो रहे थे। भूलन का कुछ दिन पहले ही बायां पैर टूट गया था, जिस वजह से वह चलने-फिरने में असमर्थ थे।
देर रात अचानक बिजली के शॉर्ट सर्किट से छप्पर में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
लपटों से घिरे भूलन घंटो तक चीखते-चिल्लाते रहे कि “बेटा मुझे बचा लो, वरना मैं जलकर मर जाऊंगा।”
उनकी चीखें सुनकर बेटे और ग्रामीण दौड़े, लेकिन आग के बीच गिरे बिजली के कटे तार और भयंकर लपटों के खौफ से कोई भी छप्पर के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
पंपिंग सेट से बुझाई आग, लेकिन तब तक बचा सिर्फ कंकाल
काफी जद्दोजहद के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह बिजली के खंभे से लाइन कटवाई और पंपिंग सेट चालू कर आग पर पानी डालना शुरू किया।
लेकिन जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आग बुझने के बाद जब लोग अंदर पहुंचे, तो भूलन का शरीर पूरी तरह जलकर राख हो चुका था।
चारपाई पर सिर्फ हड्डियां और कंकाल ही बचा था। इस भीषण आगजनी में तीन मड़हे और उनमें रखा पेटी-बक्सा व हजारों रुपये का गृहस्थी का सामान भी जलकर खाक हो गया।
तीन दिन पहले उजड़ा था सुहाग, अब पिता का साया भी उठा
इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। दरअसल, भूलन सरोज के तीन बेटे राकेश, रमेश और महेश हैं।
भूलन की 68 वर्षीय पत्नी केवला देवी का अभी 8 अप्रैल को ही निधन हुआ था। पूरा परिवार अभी मां की मौत के गम से उबर भी नहीं पाया था कि अब पिता की इस दर्दनाक मौत ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।
पुलिस ने कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
हादसे की सूचना मिलते ही महराजगंज थानाध्यक्ष तरुण श्रीवास्तव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। थानाध्यक्ष ने बताया कि परिजनों के अनुसार आग बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी है।
पुलिस ने जले हुए शव (कंकाल) का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मौके पर पहुंचे ग्रामीण सुरेश यादव, राजबहादुर सहित कई लोगों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।
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