जौनपुर: BKU लोकशक्ति का प्रदर्शन, फर्रुखाबाद SDM पर गंभीर आरोप
जौनपुर में भाकियू (लोकशक्ति) का हल्लाबोल: फर्रुखाबाद SDM पर जिलाध्यक्ष को अपमानित करने का आरोप, CM के नाम सौंपा ज्ञापन”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में किसानों की समस्याओं और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर एक बार फिर टकराव की स्थिति पैदा हो गई है।
जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के कार्यकर्ताओं ने फर्रुखाबाद के कायमगंज उपजिलाधिकारी (SDM) पर गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, यूनियन का आरोप है कि SDM ने उनके फर्रुखाबाद जिलाध्यक्ष को बिना किसी कारण हिरासत में लिया और उन्हें सरेआम अपमानित किया।
इस कथित अभद्रता के विरोध में जिलाध्यक्ष तेज बहादुर सिंह के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट इंद्र नंदन सिंह को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
क्या है पूरा मामला?
जौनपुर जिलाध्यक्ष तेज बहादुर सिंह ने मीडिया को पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया:
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15 जून की घटना: फर्रुखाबाद के जिलाध्यक्ष ने 15 जून को किसानों की समस्याओं को लेकर कायमगंज SDM को मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा था।
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स्टेनो ने वापस बुलाया: ज्ञापन सौंपने के बाद जब जिलाध्यक्ष अपने कार्यकर्ताओं के साथ वापस लौट रहे थे, तभी SDM के स्टेनो ने फोन कर उन्हें वापस तहसील कार्यालय बुला लिया।
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हिरासत और अभद्रता: यूनियन का आरोप है कि तहसील पहुंचने पर जिलाध्यक्ष के साथ कथित तौर पर अभद्रता की गई और उन्हें पुलिस हिरासत में लेकर अपमानित किया गया।
ज्ञापन में इस पूरी कार्रवाई को ‘अन्यायपूर्ण’ करार देते हुए प्रकरण की निष्पक्ष एवं न्यायिक जांच कराने की मांग की गई है।
साथ ही, फर्रुखाबाद जिलाध्यक्ष पर लगाए गए सभी आरोपों को बिना शर्त वापस लेने की अपील भी की गई है।
प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का था हिस्सा
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसानों और स्थानीय लोगों की समस्याओं को लेकर एक बड़ा अभियान चला रही थी।
15 जून को यूनियन के सभी जिलाध्यक्षों ने पूरे प्रदेश में जिलाधिकारी या उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपे थे।
ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
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गौतमबुद्धनगर: यमुना एक्सप्रेस-वे के अतिरिक्त मुआवजे और आवासीय प्लॉट की समस्या।
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जेवर एयरपोर्ट: स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सुनिश्चित करना और जेवर टोल प्लाजा मैनेजर की विवादित टिप्पणी पर कार्रवाई।
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रोनीजा गांव का धरना: गौतमबुद्धनगर के रोनीजा गांव में पिछले 12 महीनों से चल रहे धरने से संबंधित समस्याओं का तत्काल समाधान।
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सोनभद्र: जिले के भैसवार गांव में चकबंदी विभाग की घोर अनियमितताओं की जांच।
भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) ने चेतावनी दी है कि यदि उनके निर्दोष पदाधिकारियों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ और किसानों की इन जायज मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो यूनियन पूरे प्रदेश में अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करने के लिए बाध्य होगी।











