Congress leader Ehsan Khan addresses media and supports the protest for Azad Bind and questions the Ravi Yadav encounter in Jaunpur

जौनपुर: आजाद बिंद धरने में पहुंचे एहसान खान, एनकाउंटर पर उठाए सवाल

आजाद बिंद हत्याकांड धरने में पहुंचे कांग्रेस नेता एहसान खान, रवि यादव एनकाउंटर को बताया ‘संविधान की हत्या’

जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली को लेकर एक बड़ा सियासी बवंडर खड़ा हो गया है।

जौनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में दूल्हा आजाद बिंद की नृशंस हत्या के विरोध में पीड़ित परिजनों का धरना लगातार आठवें दिन भी जारी रहा।

गुरुवार को इस धरने को तब और बल मिला, जब कांग्रेस पार्टी के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी एहसान खान ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।

‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, एहसान खान ने न सिर्फ आजाद बिंद के परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया, बल्कि हाल ही में हुए रवि यादव एनकाउंटर को लेकर भी यूपी सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला।

‘सौम्या ने भाई का कर्ज चुकाने के लिए लगाई जान की बाजी’

कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे आजाद बिंद के परिजनों से एहसान खान ने यह दूसरी बार मुलाकात की।

उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि न्याय की इस लड़ाई में कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है।

  • एहसान खान ने विशेष रूप से ‘सौम्या’ का जिक्र करते हुए कहा कि उसने अपने भाई का कर्ज चुकाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी है।
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  • उन्होंने कड़कड़ाती धूप और विपरीत परिस्थितियों में भी आंदोलन में डटे रहने वाले सभी समर्थकों और स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त किया।

रवि यादव एनकाउंटर पर उठाए गंभीर सवाल: ‘यह अमानवीय कृत्य है’

धरना स्थल से निकलने के बाद, एहसान खान सीधे पुलिस एनकाउंटर में मारे गए रवि यादव के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए।

“कथित फर्जी एनकाउंटर में किसी को मार देना और उसके बाद परिजनों को न तो शव सौंपना और न ही अंतिम समय में चेहरा तक दिखाना बेहद अमानवीय है। रवि यादव के साथ जो हुआ है, वह सीधे तौर पर भारत के संविधान की हत्या है।” – एहसान खान, कांग्रेस नेता

सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की अपील

कांग्रेस नेता ने राज्य की न्याय व्यवस्था और पुलिस जांच पर अविश्वास जताते हुए देश की सर्वोच्च अदालत से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।

  • उन्होंने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट इस ‘फर्जी एनकाउंटर’ मामले का स्वतः संज्ञान (Suo Motu Cognizance) ले।
  • पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की कड़ी निगरानी में कराई जाए।
  • जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए, ताकि आम जनता का न्याय व्यवस्था और पुलिस पर विश्वास कायम रह सके।

कैबिनेट मंत्रियों राजभर और निषाद पर साधा सीधा निशाना

एहसान खान ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए यूपी सरकार के दो कद्दावर कैबिनेट मंत्रियों— ओमप्रकाश राजभर और डॉ. संजय निषाद— पर भी तीखा जुबानी हमला किया।

  • बर्खास्तगी की मांग: उन्होंने कहा कि दोनों मंत्रियों पर कथित अपराधियों को शरण देने के जो गंभीर आरोप लग रहे हैं, उसके मद्देनजर मुख्यमंत्री को उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर देना चाहिए।
  • उच्च स्तरीय जांच: एहसान खान ने मांग की है कि इस बात की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि क्या वाकई इन मंत्रियों ने अपराधियों को संरक्षण दिया था।
  • प्रशासन बेबस: उन्होंने आरोप लगाया कि जौनपुर प्रशासन पूरी तरह से राजनीतिक दबाव में है और उनके हाथ में कुछ भी नहीं रह गया है।

जौनपुर में एक तरफ आजाद बिंद के परिजनों का इंसाफ के लिए जारी धरना और दूसरी तरफ एनकाउंटर पर उठते राजनीतिक सवाल, प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गए हैं। पुलिस और सरकार दोनों ही इस मामले में विपक्ष के सीधे निशाने पर आ गए हैं।