जौनपुर के हैदरगढ़ स्थित प्राथमिक विद्यालय में महिला कल्याण विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
जौनपुर: महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए चला जागरूकता अभियान, ‘कन्या सुमंगला’ सहित इन योजनाओं की दी गई जानकारी”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बेटियों को आत्मनिर्भर तथा सशक्त बनाने के लिए शासन लगातार प्रयास कर रहा है।
इसी क्रम में जौनपुर जिलाधिकारी के निर्देशानुसार महिला कल्याण विभाग द्वारा नगर क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय, हैदरगढ़ परिसर में एक वृहद जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं, किशोरियों और ग्रामीण नागरिकों को विभागीय समन्वयकों ने शासन की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि शासन का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र महिला एवं बालिका तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना है।
उपस्थित महिलाओं से अपील की गई कि वे इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं और अपने आस-पास की अन्य जरूरतमंद महिलाओं को भी इसके प्रति जागरूक करें।
जागरूकता शिविर में विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के विकास से जुड़ी निम्नलिखित योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई:
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना: बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस योजना के तहत जन्म से लेकर उच्च शिक्षा (कक्षा 12वीं, डिप्लोमा अथवा स्नातक) तक विभिन्न चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
कार्यक्रम में इसकी पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों के बारे में बताया गया।
निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन योजना: पति की मृत्यु के बाद आर्थिक रूप से असहाय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मासिक पेंशन योजना की जानकारी दी गई, ताकि अधिक से अधिक पात्र महिलाएं इसका लाभ ले सकें।
यूपी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना: ऐसे बच्चे जिन्होंने अपने माता-पिता या परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य को खो दिया है, उन्हें भरण-पोषण, शिक्षा और अन्य जरूरतों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने वाली इस योजना के बारे में भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आपातकालीन नंबरों की भी जानकारी दी गई:
महिला हेल्पलाइन: 181
चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098 अधिकारियों ने बताया कि घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, बाल संरक्षण या किसी भी आपात स्थिति में इन टोल-फ्री नंबरों पर कॉल कर तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम के अंत में समाज में महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता फैलाने का विशेष आह्वान किया गया।
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