“जापान से बड़ी खबर सामने आई है जहां सरकार ने मुसलमानों को दफनाने के लिए और जमीन देने से इनकार कर दिया है”
नई दिल्ली 01 / 12 / 2025 मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार
जापान सरकार का कहना है कि मुसलमान शवों को अपने-अपने मूल देश में ले जाकर दफनाएं। दरअसल जापान में अब करीब 2 लाख की मुस्लिम आबादी हो गई है, और जापान के शहरों में जमीन की भारी कमी है, जिसके कारण बड़े कब्रिस्तान बनाना जापान के लिए मुश्किल काम है।
दूसरी बात ये है कि जापान में बौद्ध और शिंटो धर्म का प्रभाव है। जापान में 99% से अधिक अंतिम संस्कार शवदाह के माध्यम से किए जाते हैं। इसलिए मुसलमानों के रिचुअल्स को लेकर जापान बिल्कुल स्पष्ठ है।
यह फैसला देश में रह रहे प्रवासी मुस्लिम समुदाय और जापान की नागरिकता प्राप्त कर चुके मुस्लिमों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि इस्लाम में अंतिम संस्कार के लिए शवों को दफनाने का ही रिवाज है।
ऐसे में जापान के मुस्लिमों को अपने मृत परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए अवशेषों को वापस उनके मूल देशों में भेजने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
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