ईरान अमेरिका तनाव

ईरान की अमेरिका को चेतावनी: निशाने पर Google, Apple समेत 15 कंपनियां

“ईरान की अमेरिका को खौफनाक चेतावनी: 1 अप्रैल से Google, Apple समेत 15 अमेरिकी कंपनियों पर हमले का अल्टीमेटम “

नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन डेस्क 

पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की एलीट सैन्य इकाई ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने अमेरिका को खुली चुनौती देते हुए ऐलान किया है कि अगर ईरानी नेताओं पर हमले नहीं रुके, तो वह पश्चिम एशिया में स्थित बड़ी अमेरिकी कंपनियों और उनके ठिकानों को तबाह कर देगा। इस सीधी धमकी ने वैश्विक स्तर पर दहशत और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

हमले की समयसीमा और कर्मचारियों को अल्टीमेटम

ईरान ने इस बार सिर्फ चेतावनी नहीं दी है, बल्कि हमलों के लिए एक स्पष्ट ‘डेडलाइन’ भी तय कर दी है।

ईरान ने ऐलान किया है कि 1 अप्रैल से तेहरान के समयानुसार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार रात 10:30 बजे) के बाद अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों पर सैन्य हमले शुरू किए जा सकते हैं।

ईरान ने इन कंपनियों की यूनिट्स को पूरी तरह तबाह करने की बात कही है और वहां काम करने वाले सभी कर्मचारियों को तुरंत अपनी जान बचाने के लिए दफ्तर खाली करने का सख्त अल्टीमेटम दिया है।

निशाने पर हैं ये 15 दिग्गज अमेरिकी कंपनियां

ईरान ने 15 बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों की एक हिट-लिस्ट जारी की है, जो अब सीधे तौर पर IRGC के राडार पर हैं:

  1. माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft)

  2. गूगल (Google)

  3. एपल (Apple)

  4. इंटेल (Intel)

  5. आईबीएम (IBM)

  6. टेस्ला (Tesla)

  7. बोइंग (Boeing)

  8. डेल टेक्नोलॉजीज (Dell)

  9. हेवलेट पैकार्ड (HP)

  10. सिस्को (Cisco)

  11. ओरेकल (Oracle)

  12. मेटा प्लेटफॉर्म्स (Facebook, WhatsApp, Instagram)

  13. जेपी मॉर्गन चेस (JPMorgan Chase)

  14. जनरल इलेक्ट्रिक (GE)

  15. हेवलेट पैकार्ड एंटरप्राइज (HPE)

टेक और AI कंपनियों को ही क्यों बनाया निशाना?

विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान का मानना है कि ये सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियां आधुनिक युद्ध में अहम भूमिका निभा रही हैं।

ईरान का सीधा आरोप है कि ये अमेरिकी टेक दिग्गज अमेरिका और इजराइल को खुफिया जानकारी जुटाने, ऑपरेशनों की योजना बनाने और सटीक हमले करने में तकनीकी मदद मुहैया करा रही हैं।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा

अगर ईरान इस धमकी पर अमल करता है, तो इसके परिणाम विनाशकारी होंगे। ये सभी कंपनियां वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीक की रीढ़ हैं।

इन पर हमले का सीधा मतलब है दुनिया भर के शेयर बाजारों में भारी क्रैश, डेटा और सप्लाई चेन का रुकना, और निवेशकों में भारी दहशत फैलना।

अब पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका और उसके सहयोगियों की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। अगर अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की, तो पश्चिम एशिया एक पूर्ण और विनाशकारी युद्ध की चपेट में आ सकता है।