धमकी के बीच ईरान का बड़ा दांव, परमाणु संयंत्रों की ‘मानव ढाल’ बनेंगे युवा
ट्रंप की ‘महाविनाश’ की धमकी के आगे ईरान का बड़ा दांव: परमाणु और ऊर्जा संयंत्रों को बचाने के लिए ‘मानव ढाल’ बनेंगे लाखों युवा “
तेहरान/वाशिंगटन: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक बेहद खतरनाक और अभूतपूर्व मोड़ पर पहुंच गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मंगलवार रात 8 बजे की ‘डेडलाइन’ और ईरान के पुलों व बिजली संयंत्रों को तबाह करने की सीधी धमकी के बाद, ईरान ने एक ऐसा रणनीतिक दांव चला है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।
ईरानी सरकार ने अपने परमाणु संयंत्रों और प्रमुख ऊर्जा केंद्रों को अमेरिकी हमलों से बचाने के लिए देश के युवाओं, खिलाड़ियों और कलाकारों से इनके चारों ओर एक विशाल ‘मानव श्रृंखला’ (Human Chain) बनाने का आह्वान किया है।
‘उज्ज्वल भविष्य के लिए युवाओं की मानव श्रृंखला’
ईरान के युवा और खेल उप मंत्री अलीरेज़ा रहीमी ने इस महा-अभियान की घोषणा करते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “हम एक-दूसरे का हाथ थामकर खड़े होंगे और कहेंगे: सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर हमला करना एक गंभीर युद्ध अपराध है।”
खेल और युवा मंत्रालय के आह्वान पर मंगलवार दोपहर 2:00 बजे (स्थानीय समयानुसार) से देश भर के छात्र, खिलाड़ी और कलाकार परमाणु और ऊर्जा स्थलों के आसपास इकट्ठा होकर यह मानव श्रृंखला बनाएंगे।
इसे “उज्ज्वल भविष्य के लिए ईरान के युवाओं की मानव श्रृंखला” नाम दिया गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तेहरान अमेरिकी बमबारी के खिलाफ अपनी जनता को एक ‘मानव ढाल’ (Human Shield) के रूप में लामबंद कर बड़ा मनोवैज्ञानिक और कूटनीतिक प्रतिरोध दर्ज करा रहा है।
ट्रंप की खौफनाक चेतावनी: ‘युद्ध अपराध की परवाह नहीं’
ईरान का यह कदम ट्रंप की उस खौफनाक चेतावनी के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर मंगलवार रात 8 बजे तक ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ को फिर से नहीं खोला गया, तो वे सीधे ईरान के बुनियादी ढांचों पर हमला करेंगे।
समझौते के लिए मंगलवार आधी रात तक की भी मोहलत दी गई है। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि उन्हें संभावित युद्ध अपराध (War Crimes) करने की ‘बिल्कुल भी’ कोई चिंता नहीं है।
उन्होंने प्रेस ब्रीफिंग में साफ कहा, “पूरे देश को एक ही रात में खत्म किया जा सकता है, और वह रात कल रात भी हो सकती है।”
45-दिन का सीज़फ़ायर नामंजूर, ईरान अड़ा
दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिका द्वारा पाकिस्तान के माध्यम से भेजे गए 45-दिन के अस्थायी सीज़फ़ायर प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया है।
काहिरा में ईरान के राजनयिक मिशन के प्रमुख मोजतबा फ़िरदौसी पौर ने स्पष्ट किया है कि ईरान तभी युद्ध खत्म करेगा जब उसे स्थायी शांति और भविष्य में कोई हमला न होने की पक्की ‘गारंटी’ मिलेगी।
अब पूरी दुनिया की सांसें मंगलवार की डेडलाइन पर अटकी हैं—एक तरफ ट्रंप के विनाशकारी बम हैं, तो दूसरी तरफ अपने परमाणु संयंत्रों को घेरकर खड़े होने वाले ईरान के लाखों युवा!











