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ईरान का रियाद पर हमला : पाकिस्तान की होगी युद्ध में एंट्री?

मध्य पूर्व युद्ध का नया और खतरनाक चरण : ईरान का रियाद पर मिसाइल हमला, पाकिस्तान की एंट्री से परमाणु युद्ध का मंडराया खतरा !

रियाद/नई दिल्ली | विशेष संवाददातासंतोष सेठ की रिपोर्ट, The Politics Again

ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच पिछले लगभग तीन हफ्तों (20 दिनों) से चल रहा भीषण युद्ध अब एक नए और बेहद विनाशकारी चरण में प्रवेश कर चुका है।

अब तक इस सीधे टकराव से बचे हुए सुन्नी पावर सेंटर ‘सऊदी अरब’ पर ईरान ने सीधा हमला कर दिया है।

तेहरान ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं, जिससे पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है।

शांति वार्ता के बीच ईरान का मिसाइल प्रहार

यह हमला उस वक्त हुआ जब रियाद के एक होटल में तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, कतर और सीरिया सहित लगभग एक दर्जन देशों के विदेश मंत्रालय मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध पर उच्च स्तरीय वार्ता कर रहे थे।

मिसाइलों ने शहर की ईंधन जरूरतों को पूरा करने वाली रिफाइनरी सहित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया।

लेबनानी-ऑस्ट्रेलियाई विश्लेषक मारियो नौफल ने इस हमले को “बड़े पैमाने पर और सुनियोजित लक्ष्यों” पर किया गया प्रहार बताया है, जो इस युद्ध का सबसे चुनौतीपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

सऊदी की खुली चेतावनी: ‘हमारा धैर्य असीमित नहीं’

रियाद पर इस सीधे हमले के बाद सऊदी अरब का कड़ा रुख सामने आया है। सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने चेतावनी देते हुए कहा कि सऊदी अरब का धैर्य “असीमित” नहीं है।

उन्होंने दो टूक कहा कि अगर ईरान की तरफ से हमले जारी रहते हैं, तो रियाद सैन्य कार्रवाई करने का पूरा अधिकार रखता है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की इस हरकत से आपसी विश्वास चकनाचूर हो गया है और संबंधों को फिर से संवारने की कोई गुंजाइश नहीं बची है।

ऐसी भी खबरें हैं कि सऊदी अरब ने अमेरिका से ईरान पर अपने हमले तेज करने का आग्रह किया है।

पाकिस्तान की एंट्री और परमाणु युद्ध का खौफ

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे खौफनाक पहलू पाकिस्तान की संभावित एंट्री है। रक्षा विश्लेषकों का मानना ​​है कि अगर सऊदी अरब आधिकारिक रूप से इस युद्ध में शामिल होता है, तो वह पाकिस्तान के साथ अपने गुप्त ‘रक्षा समझौते’ को सक्रिय कर सकता है।

एक सऊदी विशेषज्ञ के मुताबिक, इस समझौते से सऊदी अरब को प्रभावी रूप से ‘परमाणु सुरक्षा कवच’ (Nuclear Umbrella) मिल जाता है।

हालांकि पाकिस्तान अब तक ईरान से सीधे उलझने से बचता रहा है, लेकिन रियाद के साथ समझौते के कारण वह अनजाने में इस विनाशकारी मध्य पूर्व संघर्ष में खिंच सकता है।

अब तक ईरान का निशाना यूएई, बहरीन, कुवैत और कतर जैसे देश थे, जबकि सऊदी अरब इससे सुरक्षित माना जा रहा था।

लेकिन रियाद पर मिसाइल हमले ने स्पष्ट कर दिया है कि यह युद्ध अब क्षेत्रीय सीमाओं को तोड़कर एक बड़े महायुद्ध (World War) की तरफ बढ़ रहा है।

Santosh SETH

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