ईरान की चेतावनी: अमेरिका ने हमला किया तो बनाएंगे परमाणु हथियार
अमेरिका-ईरान तनाव: तेहरान की चेतावनी- ‘हमला हुआ तो बनाएंगे परमाणु हथियार’, ट्रंप ने ईरानी प्रस्ताव को बताया ‘बकवास’
तेहरान/वाशिंगटन: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका उसके क्षेत्र पर एक और सैन्य हमला करता है, तो वह ‘परमाणु सीमा’ (Nuclear Threshold) पार कर लेगा।
इसका सीधा अर्थ है कि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) को 90 प्रतिशत के हथियार-योग्य स्तर तक बढ़ा देगा।
यह गंभीर चेतावनी ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबियों ने संकेत दिया है कि अमेरिका ईरान में फिर से सैन्य अभियान शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
90% संवर्धन का विकल्प खुला: ईरानी संसद
ईरान के कड़े रुख को स्पष्ट करते हुए, संसदीय राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के प्रवक्ता इब्राहिम रेज़ाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर लिखा कि हमले की स्थिति में तेहरान के पास 90 प्रतिशत शुद्धता तक यूरेनियम संवर्धन का विकल्प मौजूद है। उन्होंने कहा कि ईरानी संसद जल्द ही इसकी समीक्षा करेगी।
युद्धविराम ‘जीवन रक्षक यंत्र’ (Life Support) पर: ट्रंप
ईरान की यह टिप्पणी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के 24 घंटे के भीतर आई है, जिसमें उन्होंने वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्धविराम की संभावनाओं को लगभग खारिज कर दिया था।
ट्रंप ने सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि महीनों से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका समर्थित प्रस्ताव को ईरान ने अस्वीकार कर दिया है, जिसके बाद युद्धविराम अब “जीवन रक्षक यंत्र” (Life Support) पर है।
ईरानी प्रतिक्रिया पर तीखा प्रहार करते हुए ट्रंप ने कहा, “उन्होंने हमें जो बकवास भेजा है, उसे पढ़ने के बाद मैं इसे अब तक का सबसे कमजोर प्रस्ताव कहूंगा। मैंने इसे पूरा पढ़ना भी जरूरी नहीं समझा।”
परमाणु कार्यक्रम पर अटका पेंच और दोनों देशों की शर्तें
इस पूरे विवाद की जड़ ईरान का परमाणु कार्यक्रम है, विशेषकर उसके पास मौजूद लगभग 400 किलोग्राम यूरेनियम का भंडार, जिसे पहले ही 60 प्रतिशत शुद्धता (हथियार-स्तर से थोड़ा ही कम) तक संवर्धित किया जा चुका है।
अमेरिका की मांग: ट्रंप प्रशासन चाहता है कि ईरान अपना सारा संवर्धित यूरेनियम सौंप दे और अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह छोड़ दे।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का भी मानना है कि जब तक यह भंडार नष्ट नहीं किया जाता या देश से बाहर नहीं ले जाया जाता, तब तक ईरान का परमाणु कार्यक्रम जीवित रहेगा।
ईरान की मांग: तेहरान ने संप्रभुता का हवाला देते हुए इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान ने शर्त रखी है कि पहले अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त की जाए, युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा मिले और लेबनान में इजरायल व हिजबुल्लाह से जुड़े सैन्य अभियान रोके जाएं।
ईरान ने बदला ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ का दायरा
बढ़ते दबाव के बीच ईरान ने अपनी सैन्य रणनीति भी आक्रामक कर दी है। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी ‘फ़ार्स’ ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) नेवी के हवाले से बताया है कि तेहरान ने नई रणनीति के तहत ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) की अपनी परिचालन परिभाषा का विस्तार कर दिया है।
अब ईरान जास्क से लेकर सिरी द्वीप तक फैले एक बहुत बड़े समुद्री क्षेत्र को अपने नियंत्रण और परिचालन क्षेत्र का हिस्सा मानता है।
इस कदम से खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक और सैन्य जहाजों की आवाजाही को लेकर नया वैश्विक संकट खड़ा हो सकता है।
यूपी में भारी बारिश पर सीएम योगी सख्त: 24 घंटे में मुआवजे का निर्देश, त्योहारों…
इसरो का महा-अलर्ट: अक्टूबर से दिसंबर तक 3 विनाशकारी चक्रवातों का खतरा, 44 साल का…
वाराणसी और पूर्वांचल बुलेटिन: हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं ठप, जौनपुर गोलीकांड में दबिश तेज, गंगा…
राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल: शुक्रवार को ठप रहेंगी सेवाएं, 5-दिवसीय कार्य सप्ताह और पेंशन सुधार पर…
गोंडा में सोशल मीडिया पोस्ट विवाद में व्यापारी की नृशंस हत्या, मंत्री के धरने के…
बिहार में बाढ़ का कहर: 14 जिलों की 43 लाख आबादी प्रभावित, 951 कम्युनिटी किचन…