Trump Iran deal claim rejected
💥 ‘कोई समझौता नहीं हुआ’: ईरान ने ट्रंप के ‘डील’ वाले दावे को किया खारिज, अमेरिका की धमकियों के बीच बढ़ा कूटनीतिक सस्पेंस”
तेहरान/वाशिंगटन: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है और अमेरिका-ईरान के बीच अब एक नया कूटनीतिक युद्ध छिड़ गया है।
एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) व्हाइट हाउस से ऐलान कर रहे हैं कि उनकी ईरान के साथ ‘डील’ पक्की हो गई है।
वहीं दूसरी तरफ, ईरान (Iran) ने साफ कर दिया है कि उसने अमेरिका की कोई शर्त नहीं मानी है और न ही दोनों देशों के बीच कोई समझौता हुआ है।
‘The Politics Again’ की इस रिपोर्ट में आइए समझते हैं इस पूरी ‘डील’ का सच और दोनों देशों के परस्पर विरोधी दावे:
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली धमकी देते हुए कहा था कि अमेरिकी सेना का एक छोटा समूह कभी भी ईरान में घुसकर पूरे देश पर कब्जा कर सकता है।
हमले की धमकी: ‘ईरान इंटरनेशनल इंग्लिश’ की खबर के मुताबिक, ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका ईरान के तेल व्यापार के मुख्य केंद्र खर्ग द्वीप (Kharg Island) पर कब्जा करने और रात में बड़े बम हमले करने की तैयारी में है।
हमला टालने का ऐलान: लेकिन कुछ ही घंटों बाद, व्हाइट हाउस ने बयान जारी कर कहा कि ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने ईरान पर अपने हमलों को रोक दिया है, क्योंकि ईरान ने अमेरिका की डील और न्यूक्लियर हथियार (Enriched Uranium) से जुड़ी सारी शर्तें मान ली हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे के कुछ ही देर बाद, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसका कड़ा खंडन किया।
कोई डील नहीं: ‘द होर्मुज लेटर’ के हवाले से ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि उनके सर्वोच्च नेता समेत किसी ने भी इस कथित समझौते को मंजूरी नहीं दी है। मंत्रालय ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह ‘बेबुनियाद’ करार दिया।
ईरान की कड़ी शर्तें: ईरान ने स्पष्ट किया कि किसी भी समझौते के लिए अमेरिका को ईरान की शर्तें माननी होंगी, जिनमें शामिल हैं:
ईरान अपना समृद्ध यूरेनियम (Enriched Uranium) अमेरिका को नहीं सौंपेगा।
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) स्थायी रूप से ईरानी प्रबंधन के अधीन रहेगा।
ईरान की रुकी हुई 24 अरब डॉलर की धनराशि उसे तुरंत लौटाई जाए।
ईरान ने सख्त लहजे में कहा कि अगर उसे दबाव में झुकना ही होता, तो वह लगातार हो रही अमेरिकी बमबारी के बाद नहीं, बल्कि एक साल पहले ही झुक गया होता।
ईरानी प्रवक्ता ने ट्रंप के उस दावे को भी सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि समझौते के बाद ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ फिर से खुल जाएगा।
मंत्रालय ने साफ किया कि यह मार्ग ईरानी प्राधिकरण के अधीन है और फिलहाल वहां से सुरक्षित आवागमन संभव नहीं है।
खास बात यह है कि ट्रंप के ‘समझौते’ वाले बयान को खुद उनके सहयोगी देश इजरायल में भी कोई नहीं मान रहा है।
‘तस्नीम न्यूज़’ के मुताबिक, एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने इजरायली चैनल 12 को बताया कि उन्हें अमेरिका और ईरान के बीच ऐसे किसी भी समझौते की कोई जानकारी नहीं है।
नोट: देशभर की राजनीति, कूटनीति और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की हर ताज़ा और एक्सक्लूसिव अपडेट्स के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।
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