BharatGen vs ChatGPT

ChatGPT और Gemini को टक्कर देने आ रहा भारत का अपना ‘देसी AI’: ‘भारतजेन’ तैयार, 22 भाषाओं में करेगा काम; जितेंद्र सिंह का बड़ा ऐलान

“आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनने जा रहा है”

नई दिल्ली: “The Politics Again” संतोष सेठ की रिपोर्ट 

भारत सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना ‘भारतजेन’ (BharatGen) अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में जानकारी दी कि इस महीने के अंत तक यह स्वदेशी एआई सिस्टम भारत की सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में लिखने और समझने में सक्षम हो जाएगा।

क्या है भारतजेन? (What is BharatGen?)

अक्टूबर 2024 में लॉन्च किया गया भारतजेन, भारत का पहला सरकारी मल्टीमॉडल जेनरेटिव एआई (Multimodal GenAI) सिस्टम है।

  • क्षमता: यह केवल टेक्स्ट तक सीमित नहीं है। यह 15 भारतीय भाषाओं में बोलने (Speech) और तस्वीरों को पहचानने (Computer Vision) की क्षमता भी रखेगा।

  • डेवलपर्स: इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व IIT बॉम्बे कर रहा है, जिसके साथ IIT मद्रास, कानपुर, हैदराबाद और इंदौर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान जुड़े हैं।

  • तकनीक: इसे करीब 300 करोड़ पैरामीटर वाले टेक्स्ट मॉडल पर प्रशिक्षित (Train) किया गया है।

आम आदमी को क्या फायदा?

भारतजेन को सिर्फ कॉर्पोरेट के लिए नहीं, बल्कि आम नागरिकों के लिए डिजाइन किया गया है:

  1. कृषि साथी (Krishi Sathi): किसान अपनी स्थानीय भाषा में बोलकर खेती से जुड़ी सलाह ले सकेंगे।

  2. ई-विक्रएआई (e-VikrAI): छोटे दुकानदार अपने उत्पादों का विवरण आसानी से तैयार कर सकेंगे।

  3. डॉकबोध (DocBodh): यह मुश्किल सरकारी और कानूनी दस्तावेजों को सरल भाषा में बदलकर आम आदमी को समझाएगा।

ग्लोबल टक्कर और फंडिंग

जितेंद्र सिंह ने साफ किया कि भारतजेन की सीधी टक्कर OpenAI के ChatGPT और Google के Gemini से होगी।

इस मिशन को मजबूती देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 1,058 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है।

इसे IBM, Zoho और NASSCOM जैसे दिग्गजों का भी सहयोग मिल रहा है।

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