INDIA Alliance Meeting Delhi

INDIA गठबंधन की कल दिल्ली में अहम बैठक: स्टालिन-केजरीवाल नदारद

दिल्ली में कल INDIA गठबंधन का ‘शक्ति प्रदर्शन’: 23 दल होंगे शामिल, लेकिन स्टालिन और केजरीवाल ने बनाई दूरी “

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

लोकसभा उपचुनावों और देश के मौजूदा राजनीतिक हालात के बीच विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) कल देश की राजधानी दिल्ली में एक अहम बैठक करने जा रहा है।

‘The Politics Again’ की राजनीतिक डेस्क के अनुसार, यह बैठक पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी की विशेष पहल पर बुलाई गई है।

इस बैठक का आयोजन किसी नेता के आवास के बजाय एक ‘न्यूट्रल’ जगह, दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब (Constitution Club) में किया जाएगा।

बैठक का मुख्य उद्देश्य मोदी सरकार की नीतियों का विरोध करना और आने वाले चुनावों के लिए विपक्षी एकजुटता का खाका तैयार करना है।

बैठक के मुख्य बिंदु और राजनीतिक समीकरण

1. 23 दलों ने दी मंजूरी, जयराम रमेश का बड़ा बयान

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ के जरिए जानकारी दी कि इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए 23 राजनीतिक दलों ने अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। रमेश ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा:

  • “सरकार की नीतियां लगातार संविधान पर प्रहार कर रही हैं।”

  • “केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED, CBI) का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को टारगेट किया जा रहा है।”

  • “महंगाई, बेरोजगारी और निवेश के गिरते माहौल पर सरकार पूरी तरह विफल है। खुद भारत की तरह, INDIA गठबंधन भी अपनी विविधता में एकजुट है।”

2. स्टालिन और केजरीवाल की दूरी: गठबंधन में ‘दरार’ के संकेत?

गठबंधन की एकजुटता के दावों के बीच सबसे बड़ा झटका यह है कि दो प्रमुख क्षत्रप—तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन तथा दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल—इस बैठक से दूरी बनाए हुए हैं।

  • डीएमके-कांग्रेस में भारी तनाव: तमिलनाडु में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं। कांग्रेस ने वहां अभिनेता थलापति विजय की पार्टी ‘TVK’ के साथ नया गठबंधन कर लिया है।

  • इससे खफा होकर डीएमके ने कांग्रेस से अपने सारे राजनीतिक रिश्ते तोड़ लिए हैं। स्थिति इतनी तनावपूर्ण है कि डीएमके ने लोकसभा और राज्यसभा में कांग्रेस से अलग बैठने की जगह (Seat Allocation) मांगी थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। ऐसे में स्टालिन का बैठक में शामिल न होना स्वाभाविक माना जा रहा है।

3. ममता बनर्जी का ‘मास्टर स्ट्रोक’: लोकसभा की तैयारी

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हो रही इस बैठक की धुरी पूरी तरह से ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी रहने वाले हैं।

सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी की नजरें फिलहाल पश्चिम बंगाल के विधानसभा उपचुनावों (नंदीग्राम और रेजीनगर) पर नहीं, बल्कि बशीरहाट लोकसभा सीट के उपचुनाव पर टिकी हैं।

हाजी नूरुल इस्लाम के निधन से खाली हुई यह सीट एक मुस्लिम-बहुल क्षेत्र (55% से अधिक अल्पसंख्यक आबादी) है।

  • कांग्रेस के समर्थन की दरकार: इस अहम लोकसभा सीट को जीतने के लिए ममता को कांग्रेस के मजबूत समर्थन की जरूरत है, क्योंकि वह वामपंथी दलों (Left Front) का खुला समर्थन नहीं ले सकतीं।

  • इस बैठक के जरिए ममता कांग्रेस आलाकमान के साथ इस रणनीति को पक्का करना चाहती हैं।

4. टीएमसी के बागी और कांग्रेस का ‘वेट एंड वॉच’

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा जोरों पर है कि टीएमसी के कुछ बागी विधायक कांग्रेस के संपर्क में हैं।

हालांकि, राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने फिलहाल एक रणनीतिक चुप्पी साधते हुए इन बागी विधायकों से सीधे बातचीत न करने का फैसला किया है, ताकि गठबंधन के राष्ट्रीय स्वरूप को कोई नुकसान न पहुंचे।

कुल मिलाकर, कल होने वाली यह बैठक न केवल INDIA गठबंधन की भविष्य की रूपरेखा तय करेगी, बल्कि यह भी स्पष्ट करेगी कि ममता बनर्जी राष्ट्रीय राजनीति में खुद को किस भूमिका में स्थापित करना चाहती हैं।

सबकी नजरें इस बात पर भी होंगी कि 23 दलों की यह एकजुटता जमीन पर कितनी कारगर साबित होती है।

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