Breaking News

ऐतिहासिक डील: भारत-EU के बीच अब तक का सबसे बड़ा ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ संपन्न; सस्ती होंगी विदेशी कारें, वाइन और मशीनरी – जानिए आपकी जेब पर असर

“वैश्विक अर्थव्यवस्था में जारी उथल-पुथल के बीच भारत ने एक बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक जीत हासिल की है”

नई दिल्ली/ब्रूसेल्स “The Politics Again” संतोष सेठ की रिपोर्ट 

भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक और महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत पूरी कर ली है।

यह भारत द्वारा किसी भी ट्रेड पार्टनर के साथ किया गया अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता है।

इस डील के बाद भारतीय बाजारों में यूरोपीय कारों से लेकर दवाइयां और मशीनरी तक, सब कुछ सस्ता होने जा रहा है।

आम आदमी के लिए क्या सस्ता होगा?

प्रोडक्ट (Product) बदलाव (Change)
यूरोपीय कारें टैरिफ 110% से घटकर 10% (फेज वाइज)
मशीनरी 44% तक का टैक्स खत्म
मेडिकल उपकरण 90% उपकरण ड्यूटी-फ्री
वाइन (Wine) ड्यूटी घटकर 20-30% होगी
केमिकल्स 22% ड्यूटी खत्म

 

The Politics Again की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते का सीधा असर भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर सकारात्मक रूप से पड़ेगा:

  • सस्ती लग्जरी कारें: यूरोपीय कारों पर लगने वाले भारी-भरकम 110% टैक्स को चरणबद्ध तरीके से घटाकर 10% किया जाएगा। सालाना 2.5 लाख कारों के कोटे पर यह छूट मिलेगी।

  • शराब और खानपान: वाइन प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। वाइन पर ड्यूटी 150% से घटकर 20-30% के दायरे में आएगी। बीयर पर टैरिफ 50% होगा। इसके अलावा जैतून का तेल (Olive Oil) और चॉकलेट-बिस्कुट जैसे प्रोसेस्ड फूड भी सस्ते होंगे।

उद्योगों और हेल्थकेयर को बूस्ट

सिर्फ उपभोक्ता ही नहीं, भारतीय इंडस्ट्री को भी इससे बड़ी राहत मिली है:

  • हेल्थकेयर: 90% मेडिकल और सर्जिकल उपकरण अब ड्यूटी-फ्री (Tax Free) होंगे। यूरोपीय फार्मा उत्पादों पर लगने वाली 11% ड्यूटी खत्म होगी, जिससे इलाज का खर्च घटेगा।

  • इंडस्ट्री: मशीनों पर लगने वाला 44% तक का टैक्स हटा दिया गया है। इससे भारतीय फैक्ट्रियों में नई टेक्नोलॉजी लगाना सस्ता होगा। विमान और अंतरिक्ष सेक्टर के उत्पादों पर भी टैरिफ शून्य होगा।

आर्थिक गणित और रोजगार

फिलहाल भारत और EU के बीच सालाना 180 अरब यूरो से ज्यादा का व्यापार होता है। इस समझौते के बाद 2032 तक EU से भारत में होने वाला निर्यात दोगुना होने की उम्मीद है।

समझौते के तहत, भारत ने EU के 96.6% उत्पादों पर टैरिफ घटाने या खत्म करने का वादा किया है। इससे यूरोपीय कंपनियों को सालाना करीब 4 अरब यूरो की बचत होगी, जिसका फायदा वे कम कीमतों के रूप में ग्राहकों को देंगी।

THE POLITICS AGAIN OPENION

यह समझौता 1.45 अरब की आबादी वाले भारतीय बाजार के लिए एक नए युग की शुरुआत है। हालांकि, भारत ने अपने किसानों के हितों की रक्षा करते हुए बीफ, चिकन, चावल और चीनी जैसे संवेदनशील सेक्टर्स को इस समझौते से बाहर रखा है।

अब देखना होगा कि इस डील का जमीनी असर कितनी जल्दी दिखना शुरू होता है।

Santosh SETH

Recent Posts

UP : भाजपा की ‘पदयात्रा’ से विपक्ष को चुनौती, जानें इसके राजनीतिक मायने

उत्तर प्रदेश में भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा: 2027 के चुनाव की बिसात…

1 day ago

पीएम मोदी के एक फोन कॉल ने बढ़ाई महाराष्ट्र की सियासी हलचल

पीएम मोदी के एक 'फोन कॉल' से महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल! क्या NDA का…

1 day ago

दिल्ली: चावड़ी बाजार में ढही निर्माणाधीन 3 मंजिला इमारत, कोई हताहत नहीं

दिल्ली के चावड़ी बाजार में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन 3 मंजिला इमारत का हिस्सा ढहा, लेंटर…

1 day ago

उत्तरकाशी: गंगोत्री हाईवे पर गहरी खाई में गिरा वाहन, 5 यात्रियों की मौत

उत्तरकाशी में बड़ा हादसा: गंगोत्री जा रहे यात्रियों का वाहन 200 मीटर गहरी खाई में…

1 day ago

तेलंगाना : मछुआरों को बचाते समय SDRF की 2 नावें पलटीं, 10 जवान लापता

खम्मम में रेस्क्यू के दौरान बड़ा हादसा: बेथुपल्ली झील में SDRF की 2 नावें पलटीं,…

1 day ago

श्रीगंगानगर रेलवे ट्रैक ब्लास्ट: NIA से लेकर ATS तक कर रही जांच

श्रीगंगानगर रेलवे ट्रैक ब्लास्ट: क्या किसी बड़े हमले का 'ट्रायल' था? ISI, ड्रोन और RDX…

1 day ago