लॉबिंग फर्मों की सेवाएं लेना 1950 से जारी ‘मानक प्रक्रिया’ – विदेश मंत्रालय

“भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए लॉबिंग फर्मों की नियुक्ति को लेकर उठे सवालों पर भारत सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है”

नई दिल्ली | शनिवार, 10 जनवरी 2026 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को कहा कि वाशिंगटन डीसी में दूतावासों और व्यावसायिक संगठनों के लिए अपनी पहुंच बढ़ाने हेतु सलाहकारों की सेवाएं लेना एक “मानक और कानूनी प्रक्रिया” है।

1950 के दशक से चल रही है परंपरा

साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह कोई नई गतिविधि नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा, “भारतीय दूतावास 1950 के दशक से ही ऐसी लॉबिंग फर्मों को नियुक्त करता आ रहा है।

वाशिंगटन में यह एक सामान्य प्रथा है कि देश, दूतावास और निजी संगठन अपने हितधारकों के साथ संपर्क मजबूत करने के लिए विशेषज्ञों की मदद लेते हैं।”

FARA रिकॉर्ड्स और SHW Partners LLC का खुलासा

यह मामला तब चर्चा में आया जब अमेरिका के विदेशी एजेंट पंजीकरण अधिनियम (FARA) के तहत हालिया दस्तावेज सार्वजनिक हुए। रिकॉर्ड के मुताबिक:

  • करार: भारत सरकार ने पिछले साल 24 अप्रैल को SHW Partners LLC नामक लॉबिंग फर्म के साथ अनुबंध किया था।

  • सक्रियता: अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच फर्म ने भारतीय दूतावास और अमेरिकी अधिकारियों के बीच कई ईमेल, फोन कॉल और बैठकों का समन्वय किया।

  • महत्वपूर्ण संपर्क: 10 मई को ‘भारत-पाक संघर्ष विराम’ के दिन फर्म ने व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ, नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (NSC) और व्यापार प्रतिनिधियों के साथ कूटनीतिक संपर्क स्थापित करने में मदद की।

पारदर्शिता पर जोर

प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पारदर्शिता का हवाला देते हुए कहा कि इन सभी फर्मों का विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। उन्होंने मीडिया और जनता से आग्रह किया कि वे संबंधित वेबसाइटों पर जाकर इन अनुबंधों की विस्तृत जानकारी देख सकते हैं।

सरकार के सूत्रों का भी कहना है कि अमेरिका में लॉबिंग करना वहां के नियमों के तहत पूरी तरह कानूनी और सर्वमान्य परंपरा है।

PREMIUM NEWS

अपनी Premium Membership चुनें

Premium articles बिना restriction पढ़ें।

Monthly

₹99/month

30 days Premium access

You have successfully subscribed to the newsletter

There was an error while trying to send your request. Please try again.

The Politics Again will use the information you provide on this form to be in touch with you and to provide updates and marketing.