हिमाचल पंचायत चुनाव : 3 करोड़ बैलेट पेपर की प्रिंटिंग हुआ ऑर्डर
“हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्शन कमीशन ने पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज कर दी है। इन चुनाव के लिए कमीशन ने 3 करोड़ बैलेट पेपर की प्रिटिंग का ऑर्डर दिया है”
शिमला 23 / 09 / 2025 द पॉलिटिक्स अगेन डिजिटल डेस्क
इनकी प्रिंटिंग हिमाचल सरकार की प्रेस में करवाई जाएगी। साल 2020 के चुनाव में 2 करोड़ 75 लाख बैलेट पेपर प्रिंट किए गए थे। इस बार 25 लाख ज्यादा बैलेट छापे जा रहे हैं”
पंचायतों में यह चुनाव 5 पदों- प्रधान, उप प्रधान, वार्ड मेंबर, पंचायत समिति सदस्य (BDC) और जिला परिषद के लिए होने है। प्रत्येक पद के लिए 60-60 लाख बैलेट पेपर प्रिंट किए जाएंगे। नॉमिनेशन के बाद नाम वापसी होते ही इन बैलेट पेपर पर चुनाव लड़ने वाले दावेदारों के नाम मैनुअली लिखे जाएंगे।
इस बार 3577 पंचायत प्रधान चुने जाएंगे
प्रदेश में इस बार 3577 पंचायत प्रधान और इतने ही उप प्रधान चुने जाएंगे, जबकि साल 2020 के चुनाव में 3616 प्रधान व इतने ही उप प्रधान निर्वाचित हुए थे। कुछ पंचायतों को नगर पंचायत में अपग्रेड करने और कुछ को शहरी निकाय में मर्ज करने की वजह से इस बार 39 पंचायतें कम हुई है।
जिला परिषद सदस्य से बढ़ सकते हैं दो से तीन वार्ड
वहीं, पिछले चुनाव में 1696 BDC मेंबर चुने गए थे। इस बार BDC के कुछ वार्ड कम हो सकते हैं। इसी तरह, 2020 में 249 जिला परिषद सदस्य निर्वाचित हुए थे। इस बार जिला परिषद के दो से तीन वार्ड बढ़ सकते है। वहीं पिछले चुनाव में 21 हजार 403 वार्ड मेंबर चुने गए थे। इस बार इनकी संख्या भी कम होगी।
कुछ जिलों में वार्डबंदी का काम अंतिम चरण में है। अगले डेढ़ से दो सप्ताह में वार्ड मेंबर, BDC और जिला परिषद मेंबर की स्थिति क्लियर हो जाएगी।
बैलेट पेपर से होंगे पंचायत चुनाव
बेशक, लोकसभा और विधानसभा चुनाव EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) से होते हैं। मगर पंचायत चुनाव बैलेट से ही करवाए जाते हैं। इस बार भी बैलेट पेपर से ही वोटिंग होगी। इसलिए, इलेक्शन कमीशन ने एडवांस में ही बैलेट पेपर प्रिंट करने के निर्देश दे दिए है।
निकाय चुनाव EVM से करवाए जाएंगे
वहीं, नगर निकाय चुनाव EVM से होंगे। प्रदेश में 74 निकाय है। इनमें से शिमला नगर निगम को छोड़कर अन्य सभी शहरी निकाय में इसी साल चुनाव होने हैं। यह चुनाव 7 नगर निगम, 29 नगर परिषद और 37 नगर पंचायत में होने है।
आरक्षण रोस्टर से क्लियर होगी स्थिति
पंचायत व निकाय चुनाव के लिए इलेक्शन कमीशन ने 25 सितंबर तक आरक्षण रोस्टर तय करने के निर्देश दे रखे हैं। आरक्षण रोस्टर के बाद ही पंचायतों में तय हो पाएगा कि कौन सी पंचायत ओपन महिला, रिजर्व महिला, SC, SC महिला, OBC, एसटी, ST महिला या फिर अनारक्षित है।
आरक्षण रोस्टर से पहले ही सोशल मीडिया पर दावेदारी शुरू
वहीं, पंचायतों में आरक्षण रोस्टर तय होने से पहले ही चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों ने दावेदारी जताना शुरू कर दिया है। पंचायतों में एक-एक पद को कई कई दावेदार सोशल मीडिया पर अपनी दावेदारी जताने लगे है।
15 नवंबर के बाद चुनाव की घोषणा संभावित
प्रदेश में इसी साल दिसंबर में पंचायत चुनाव होने है। 15 नवंबर के बाद कभी भी इन चुनाव का ऐलान हो सकता है।











