हिमाचल / कुल्लू : अखाड़ा बाजार में भू-स्खलन से छह लोग दफन, तलाश जारी

“हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का दौर लगातार जारी है। प्रदेश के कई इलाकों में भूस्खलन के चलते नुकसान हो रहा है। जिला कुल्लू के मुख्यालय अखाड़ा बाजार की बात करें, तो गुरुवार सुबह यहां पर मठ की पहाड़ी से भूस्खलन हुआ और तीन घर इसकी चपेट में आ गए”

कुल्लू 05 / 09 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

भूस्खलन के कारण दो घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि एक अन्य घर को भी काफी नुकसान हुआ है। भूस्खलन की इस घटना के चलते 10 लोग मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची।

रेस्क्यू टीम द्वारा मलबे में दबे चार लोगों को बाहर निकाला गया और उन्हें इलाज के लिए ढालपुर अस्पताल भेजा गया। इलाज के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन लोगों का उपचार चल रहा है। इनमें एक गंभीर रूप से घायल युवक को बिलासपुर रैफर किया गया है।

इसके अलावा बाकी दबे हुए छह लोगों को निकालने का कार्य लगातार जारी है। भूस्खलन के चलते अखाड़ा बाजार में एक दर्जन से अधिक घरों को खाली कर दिया गया है।

वहीं, कुल्लू सदर के विधायक सुंदर ठाकुर भी मौके पर राहत कार्यों का जायजा ले रहे हैं। बुधवार को भी अखाड़ा बाजार में पहाड़ी से भूस्खलन हुआ और दो घर इसकी चपेट में आ गए थे।

इस घटना में तीन लोग दब गए थे। इनमें से एक व्यक्ति मलबे से बाहर निकल आरया था, जबकि दो लोग अभी भी मलबे में दफन हैं, जिन्हें निकालने का प्रयास लगातार जारी है।

डीसी कुल्लू तोरूल एस रवीश का कहना है कि भूस्खलन के कारण मलबे में दबे चार लोगों को निकाल लिया गया है। इसके अलावा बाकी छह लोग अभी भी मलबे में दफन है।

इनमें एक स्थानीय महिला और पांच लोग कश्मीर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। भारी बारिश के चलते रेस्क्यू में बाधा आ रही है। एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडर संतोष ने बताया कि मलबा हटाने के लिए जवान और मशीनरी लगातार तैनात है।

लेकिन बारिश के चलते रेस्क्यू में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद कुल्लू के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत ने बताया कि गुरुवार को ही यहां पर घरों को खाली करने के बारे में निर्देश जारी किए गए थे और कुछ घरों को खाली भी किया गया था।

लेकिन गुरुवार सुबह फिर से भूस्खलन हुआ है। यहां कश्मीर के रहने वाले युवक किराए पर रह रहे थे। वे सुबह नमाज पढऩे के बाद जब कमरे में लौटे, तो कुछ देर बार हादसा हो गया।

भारी भूस्खलन की चपेट में आई घायल महिला राधिका ने बताया कि किस तरह से पांच सेकेंड के भीतर हादसा पेश आया। उन्होंने बताया कि किस वह सुबह 6:00 बजे उठी और चाय बनाने के लिए जब किचन में गई, तो इसी दौरान उन्हें जोर से आवाज सुनाई दी।

वह जैसे ही अपने पति को बोलने गई कि इसी बीच पूरा घर हिल गया और वह किचन के पास गिर गई। इस घटना में उनका पूरा परिवार सुरक्षित है। उनके परिवार से उनकी देवरानी और उनका बेटा घायल हुए हैं।

प्रशासन ने 30 से अधिक घरों को खाली करवाया

शहर में लगातार भारी भूस्खलन से हालात गंभीर होते जा रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजऱ प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए करीब 30 से अधिक घरों को खाली करवाया है। प्रभावित क्षेत्र में पहाड़ों से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे है। इसके चलते अनेक घरों को खतरा बना हुआ हे।

गुरुवार को शहर में जगह-जगह डंगे गिरने से कई घरों को खतरा हो गया। इसे में प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है और राहत शिविर भी तैयार कर लिए गए हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर तैनात हैं।

अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजऱ रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अखाड़ा बाजार में दो दिन भूस्खलन के बाद यहां घर खाली करवाए गए हैं। इसी के साथ गांधीनगर में करीब तीन बड़े घरों को खाली किया गया।

यही भूस्खलन के चलते घरों को खतरा बना हुआ है। वहीं, तीन वाहन भी मलबे की चपेट में आ हैं। स्थानीय लोगों में डर का माहौल है, लेकिन प्रशासन के त्वरित कदम के बाद उन्हें सुरिक्षत स्थान पर भेजा गया है। लगातार बारिश और ढीली मिट्टी के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं।

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