हिमाचल / कांगड़ा : किसी भी समय छोड़ा जा सकता है पौंग डैम से पानी
“कांगड़ा जिला में स्थित पौंग बांध में जलस्तर में अचानक वृद्धि के बाद भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने शनिवार रात को बांध के स्पिलवे से अतिरिक्त पानी छोडऩे का फैसला किया है। इस फैसले के बाद हिमाचल प्रदेश और पंजाब के निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है”
कांगड़ा 03 / 08 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
बीबीएमबी की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार सुबह तक जलाशय का जलस्तर 1361.07 फुट तक पहुंच गया, जो पिछले साल इसी दिन के स्तर (1328.45 फुट) से काफी ज्यादा है। बांध की अधिकतम जल संग्रहण क्षमता 1410 फुटट है, जबकि खतरे का स्तर 1390 फुट है।
अधिकारियों के मुताबिक, जलस्तर में यह वृद्धि ब्यास जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश और मंडी जिला के पंडोह बांध से पानी छोड़े जाने के कारण हुई है। इसके अलावा, देहर खड्ड, बुहाल खड्ड और देहरी खड्ड सहित दर्जनों स्थानीय सहायक नदियों में भी उफान आने से बांध में पानी का प्रवाह बढ़ गया है।
शनिवार सुबह 87,586 क्यूसेक पानी का औसत प्रवाह दर्ज किया गया, जिसके बाद बीबीएमबी ने टर्बाइनों के माध्यम से 18,995 क्यूसेक पानी छोडऩे का आदेश दिया है। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि उन्होंने बीबीएमबी से आग्रह किया है कि पानी को धीरे-धीरे और नियंत्रित तरीके से छोड़ा जाए।
निचले इलाकों में हूटर बजते ही हो जाएं अलर्ट
बांध से पानी छोड़े जाने से पहले अलर्ट जारी करने के लिए कांगड़ा जिला के रे, स्थाना, संसारपुर टैरेस और रियाली क्षेत्रों में रेड अलर्ट हूटर लगा दिए गए हैं। कांगड़ा और होशियारपुर (पंजाब) के जिला प्रशासनों को भी तत्काल एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
पिछली बरसात में मंड क्षेत्र हुआ था जलमग्न
पिछली बरसात में पौंग से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से मंड क्षेत्र जलमगन हो गया था, जिससे इंदौरा क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी थी। इन सारे हालात और पुराने अनुभवों को देखते हुए जिला प्रशासन व बीबीएमवी ने पूर्व योजना के आधार पर थोड़ा-थोड़ा पानी पहले ही छोडऩे की योजना की है। शनिवार रात या रविवार सुबह पानी छोड़ा जा सकता है।











