हिमाचल – कहीं आपके खाने में मिलावट तो नहीं? फेल हो रहे है नमूने

“खाद्य दुकानों और रेहड़ी वालों से लिए गए कुल 17 नमूनों को हाल ही में प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया था। इस दौरान गोलगप्पे में रंग की मिलावट पाई गई। नियमों के अनुसार, पानी में रंग का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता”

हमीरपुर 21 / 11 / 2024 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

हमीरपुर के मंदिर ट्रस्ट की दुकान पर बेचे जाने वाले रोट के नमूने फेल होने के बाद, हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में गोलगप्पे के पानी और कॉफी के नमूने भी गुणवत्ता की कसौटी पर खरे नहीं उतर पाए हैं और सरसों के तेल की गुणवत्ता भी नमूने की जांच में मानक के अनुसार नहीं मिली है।

ऊना शहर में खाद्य दुकानों और रेहड़ी वालों से लिए गए कुल 17 नमूनों को हाल ही में सोलन जिले के कंडाघाट में स्थित प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया था। अधिकारियों ने बताया कि गोलगप्पे में रंग की मिलावट पाई गई। नियमों के अनुसार, पानी में रंग का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट की कैंटीन बंद

मंगलवार को हमीरपुर जिले के देवसिद्ध में बाबा बालक नाथ मंदिर में प्रसाद के रूप में बेचे जा रहे रोट के नमूने की गुणवत्ता खराब पाई गई। मंदिर प्रबंधन की ओर से बुधवार को कैंटिन बंद करा दी गई.

साथ ही यह भी कहा गया कि जल्द ही बाहर से सामान मंगाया जाएगा। गौतम बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट, दियोटसिद्ध के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि इस कैंटीन को बंद कर दिया गया है।

प्रसाद खाने लायक नहीं

खाद्य सुरक्षा विभाग ने दो महीने पहले बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट की दुकान पर प्रसाद के रूप में बेचे जा रहे रोट के नमूने जांच के लिए सोलन जिले के कंडाघाट स्थित ‘कंपोजिट टेस्टिंग लैबोरेटरी’ भेजे थे। ये नमूने खाने लायक नहीं पाए गए।

एक निजी दुकान से लिए गए ‘रोट’ के नमूने भी परीक्षण में सही नहीं पाए गए। ‘रोट’ बनाने के लिए गेहूं के आटे, चीनी और देसी घी या वनस्पति तेल का इस्तेमाल किया जाता है।

प्रसाद बेचने वाली मुख्य कैंटीन मंदिर ट्रस्ट द्वारा शुरू से ही संचालित की जा रही थी और उसका कारोबार अच्छा चल रहा था। हर साल लगभग 50-75 लाख श्रद्धालु बाबा बालक नाथ के प्राचीन गुफा मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वे बाबा बालक नाथ को ‘प्रसाद’ के रूप में ‘रोट’, मिठाइयां और अन्य चीजें चढ़ाते हैं।

इस बीच, कंडाघाट प्रयोगशाला से 17 में से तीन नमूनों की रिपोर्ट आ गई है। इनमें से दो की गुणवत्ता खराब पाई गई है और एक गलत ब्रांड का नाम लिखा था। बुधवार को खाद्य मानक एवं सुरक्षा शाखा के सहायक निदेशक जगदीश धीमान ने कहा, ‘‘इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है।’’

सरसों के तेल में मिलावट

खाद्य मानक एवं सुरक्षा शाखा द्वारा ऊना में लिए गए गोलगप्पे के पानी के नमूनों में भी मिलावट पाई गई है। अधिकारियों ने बताया कि सरसों के तेल के नमूने में भी मिलावट मिली है, जबकि कॉफी का नमूना फेल पाया। उन्होंने बताया कि इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि बाजारों में केवल गुणवत्ता वाले उत्पाद ही बेचे जाएं और आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार मामला दर्ज किया जाए।

Santosh SETH

Recent Posts

वाराणसी में झमाझम बारिश से जलभराव, 12वीं तक के सभी स्कूल बंद

वाराणसी में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त: लहरतारा-चांदपुर में भीषण जलभराव, 12वीं तक के सभी…

16 hours ago

वाराणसी के लोहता में भीषण हादसा: रॉन्ग साइड ट्रक ने दो को रौंदा

वाराणसी के लोहता में भीषण सड़क हादसा: रॉन्ग साइड आ रहे बेकाबू ट्रक ने किशोर…

16 hours ago

यूपी के 62 जिलों में बारिश का अलर्ट, 19 में स्कूल बंद, धान फसल बर्बाद

यूपी में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं का कहर: 8 जिलों में अति भारी बारिश…

17 hours ago

एशियन गेम्स 2026: महिला कबड्डी में भारत ने जीता गोल्ड, कुल पदक 27 हुए

एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला कबड्डी टीम ने रचा इतिहास, रोमांचक फाइनल में ईरान को…

17 hours ago

छत्तीसगढ़ में बाढ़ जैसे हालात: सभी स्कूल बंद, सीएम ने दिए बचाव के निर्देश

छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश से बाढ़ के हालात: प्रदेश के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित,…

17 hours ago

Pitru Paksha 2026: आज से पितृपक्ष शुरू, जानें श्राद्ध की तिथियां

Pitru Paksha 2026: आज से पितृपक्ष का शुभारंभ, जानें 15 दिनों के कठोर नियम, 'पंचबली'…

19 hours ago