“माैसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की गई है। बारिश से जगह-जगह भूस्खलन व अचानक बाढ़ की घटनाएं सामने आई हैं”
शिमला 25 / 08 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में माैसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच कई भागों में भारी बारिश दर्ज की गई है। बारिश से जगह-जगह भूस्खलन व अचानक बाढ़ की घटनाएं सामने आई हैं। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन, ऊना, चंबा जिले सहित कुल्लू और मनाली उपमंडल में सभी शैक्षणिक संस्थान आज बंद रखे गए। लाहौल-स्पीति के केलांग और उदयपुर उपमंडल के सभी शिक्षण संस्थान भी बंद रहे।
राज्य में सोमवार शाम तक दो नेशनल हाईवे सहित 795 सड़कें बंद रहीं। इसके अतिरिक्त 956 बिजली ट्रांसफार्मर व 517 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं।
मंडी, कुल्लू व चंबा जिले में सबसे अधिक सड़कें प्रभावित हैं। राजधानी शिमला में भी रात से बारिश रुक-रुक कर जारी है। शिमला के टुटीकंडी में पांजड़ी के कोमी हाउस के पास भूस्खलन हुआ है। इससे मकान को खतरा पैदा हो गया है। मकान को खाली करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से चंबा, कांगड़ा व मंडी जिले के लिए 25 अगस्त को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया। ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर व कुल्लू के लिए ऑरेंज अलर्ट है।
शिमला व लाहाैल-स्पीति के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। 26 अगस्त को भी चंबा व कांगड़ा जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है जबकि मंडी जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट है। 31 अगस्त तक राज्य के कई भागों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बीती रात को काहू में 190.5, जोत 159.2, बरठीं 156.4, नयना देवी 148.4, घाघस 148.0, बिलासपुर 140.8, भटियात 140.2, मालरांव 120.0, अंब 111.0, अघार 110.6, बंगाणा 104.0, रायपुर मैदान 98.2, घमरूर 95.8, भरवाईं 94.4, नादौन 94.0, स्लापड़ 90.6, मुरारी देवी 90.2, धर्मशाला 87.4, भराड़ी 85.9, कसौली 85.0, सुंदरनगर 84.2, बलद्वाड़ा 84.0, सलूणी 83.3, ऊना 80.8, सुजानपुर टिहरा 80.0, धर्मपुर 68.6, देहरागोपीपुर 68.3, चंबा 67.0, बीबीएमबी 66.0, पालमपुर 65.4 व बग्गी में 64.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
अब तक 306 लोगों की गई जान
प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 25 अगस्त तक 306 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 367 लोग घायल हुए हैं। 38 लोग अभी लापता हैं। इस दाैरान 150 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है।
बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 3,656 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 2,819 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,843 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 2,39,428.50 लाख रुपये पहुंच गया है।