हिमाचल – संजौली मस्जिद मामले में हिंदूवादी संगठनों का उग्र प्रदर्शन जारी, प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षक को अलर्ट रहने के निर्देश

“हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली स्थित मस्जिद में अवैध निर्माण के विरोध में हिंदूवादी संगठनों का उग्र प्रदर्शन जारी है।”
शिमला 11 / 09 / 2024 नीतू कौशल की रिपोर्ट
प्रदर्शनकारी ढली टनल पर बैरिकेड्स तोड़कर संजाैली बाजार पहुंचे। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
इसमें एक पुलिस कर्मी के साथ कई प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं। माहाैल तनावपूर्ण बना हुआ है।
प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षक को अलर्ट रहने के निर्देश
संजौली में उग्र प्रदर्शन, लाठीचार्ज मामले के बाद हिमाचल के सभी पुलिस अधीक्षक को अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए हैं।
सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने डीजीपी को तलब किया है। मौके पर खुद, आईजी व डीआईजी को रहने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल संजौली चौक से प्रदर्शनकारियों को पुलिस की ओर से हटाया जा रहा है। भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास जारी है।
प्रदर्शन के बीच संजौली क्षेत्र के कई स्कूलों से बच्चों को दी छुट्टी
प्रदर्शन के बीच संजौली क्षेत्र के कई स्कूलों से बच्चों को छुट्टी दे दी गई है। अभिभावकों को बच्चों को स्कूल से लाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी है।
कई अभिभावक समय पर स्कूल तक नहीं पहुंच पाए हैं। उधर, संजौली चौक और बाजार में दोनों तरफ नारेबाजी जारी है।
मस्जिद में अवैध निर्माण के विरोध में संजौली में दो जगह प्रदर्शन हो रहा है। एक प्रदर्शन मस्जिद क्षेत्र के पास है, जहां ढली की ओर से आए प्रदर्शनकारियों को रोका गया है।
दूसरा प्रदर्शन संजौली चौक पर हो रहा है, जहां छोटा शिमला, लक्कड़ बाजार की ओर से आए लोगों को रोका गया है। दोनों जगह माहाैल तनावपूर्ण बना हुआ है। नारेबाजी चल रही है।
प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ हुई धक्कामुक्की में एक महिला पुलिसकर्मी घायल हो गईं। घायल को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
उपनगर टुटू में भी लोगों ने निकाली विरोध रैली
शिमला के उपनगर टुटू में भी लोगों ने विरोध रैली निकालकर अवैध निर्माण को तोड़ने की मांग रखी है। लोगों ने जमकर नारेबाजी की। लोगों ने वक्फ बोर्ड को बंद करने की मांग उठाई।
कहां से शुरू हुआ विवाद
मस्जिद विवाद एक लड़ाई की वजह से शुरू हुआ। जहां शिमला के मल्याणा इलाके में एक हिंदू व्यक्ति के साथ करीब 6 लोगों ने मारपीट की थी। जिसके बाद वो गंभीर रूप से घायल हो गया।
इस मारपीट को लेकर उक्त व्यक्ति ने थाने में केस दर्ज कराया और बताया कि मारपीट के बाद सभी आरोपी मस्जिद में छिप गए।
जब हिंदू संगठनों को इसका पता चला तो उन्होंने संजौली मस्जिद के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और इस मस्जिद को अवैध बताकर इसे गिराने की मांग उठाई। इसके बाद धीरे-धीरे लोगों का ये प्रदर्शन आक्रोश में बदल गया।
कैबिनेट मंत्री बोले- सरकरी जमीन पर बनी है मस्जिद
कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विधानसभा में कहा कि यह पूरी मस्जिद ही अवैध है। यह हिमाचल सरकार की जमीन पर बनी है।
उन्होंने विधानसभा में यह भी कहा कि बाहर से आ रहे लोग शिमला का माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने लव जिहाद की बात भी कही और शिमला में रोहिंग्याओं के होने का भी जिक्र किया।
ध्यान रहे कि संजौली की इस मस्जिद का मामला नगर निगम की कोर्ट में 2010 से चल रहा है। किसी भी सरकार ने इसे लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई।
नगर निगम की कोर्ट में मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर बार-बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन फिर भी चार से पांच मंजिल अवैध तरीके से खड़ी हो गईं।











