हिमाचल निकाय चुनाव: 4 में से 3 नगर निगमों में BJP की बंपर जीत
हिमाचल निकाय चुनाव में खिला ‘कमल’: 4 में से 3 नगर निगमों पर BJP का कब्जा, सुक्खू सरकार को बड़ा झटका “
शिमला: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के नगर निगम चुनावों (Himachal Pradesh Municipal Elections) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को करारा झटका दिया है।
राज्य के चार नगर निगमों में से तीन पर भाजपा ने अपना परचम लहराया है, जबकि कांग्रेस केवल एक नगर निगम बचाने में कामयाब हो सकी है।
साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इन नतीजों को सत्ताधारी सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार (Sukhvinder Singh Sukhu Govt) के लिए एक बड़े खतरे की घंटी और जनता के ‘मूड’ के रूप में देखा जा रहा है।
63 सीटों का पूरा गणित: BJP की आंधी में उड़ी कांग्रेस
राज्य में 17 मई को चार नगर निगमों (मंडी, धर्मशाला, सोलन और पालमपुर) की कुल 63 सीटों के लिए मतदान हुआ था, जिसके परिणाम रविवार को घोषित किए गए।
कुल सीटें (63): भाजपा ने 37 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस 23 सीटों पर सिमट गई है। वहीं, 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाजी मारी है।
भाजपा ने न केवल मंडी नगर निगम पर अपना कब्जा बरकरार रखा है, बल्कि उसने कांग्रेस से धर्मशाला और सोलन की सत्ता भी छीन ली है।
नगर निगमों के नतीजे (शहरवार आंकड़े):
मंडी (मतदान 66.78%): यहां भाजपा की आंधी देखने को मिली। भाजपा ने 15 में से 12 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस और निर्दलीय को 1-1 सीट मिली।
सोलन (मतदान 58.32%): भाजपा ने 17 में से 10 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस 6 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही और 1 सीट निर्दलीय के खाते में गई।
धर्मशाला (मतदान 60.01%): इस अहम नगर निगम में भाजपा ने 11 सीटें जीतीं, कांग्रेस को 5 और निर्दलीय को 1 सीट मिली।
पालमपुर (मतदान 68.97%): कांग्रेस के लिए पालमपुर ही एकमात्र राहत बनकर उभरा। यहां सबसे अधिक मतदान हुआ और कांग्रेस ने 15 में से 11 वार्ड जीतकर नगर निगम पर अपना नियंत्रण कायम रखा, जबकि भाजपा को 4 सीटें मिलीं।
राजनीतिक बयानबाजी तेज: ‘जनमत संग्रह’ vs ‘स्थानीय चुनाव’
भाजपा: “सुक्खू सरकार को जनता ने नकारा” भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने इन नतीजों को कांग्रेस सरकार के खिलाफ ‘जनमत संग्रह’ (Referendum) करार दिया है।
उन्होंने कहा, “चारों शहरी निकायों के परिणाम स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि जनता ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली जनविरोधी सरकार को पूरी तरह से नकार दिया है और भाजपा पर अपना विश्वास जताया है।”
कांग्रेस: “15% मतदाताओं से पूरे राज्य का मन टटोलना मुश्किल” दूसरी ओर, हार के बाद कांग्रेस डैमेज कंट्रोल में जुट गई है।
मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार और कांग्रेस नेता नरेश चौहान ने नतीजों को तवज्जो न देते हुए कहा कि इन चुनावों में राज्य के केवल चार विधानसभा क्षेत्रों में फैले लगभग 15% मतदाता ही भाग लेते हैं।
ऐसे में इसके आधार पर पूरे राज्य की स्थिति का निर्धारण नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि पार्टी उम्मीदवार चयन और स्थानीय कारणों की गहराई से समीक्षा करेगी।
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