धर्मशाला के लाला लाजपतराय जिला मुक्त एवं सुधार गृह में गार्द की मांग को लेकर कैदियों और जेल कर्मचारियों के बीच हुई खूनी झड़प। घटना में घायल कर्मचारियों को टांडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
धर्मशाला जेल में खूनी झड़प: अस्पताल जाने के लिए गार्द मांगने पर कैदियों और जेल स्टाफ में मारपीट, 8 घायल”
धर्मशाला: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले स्थित लाला लाजपतराय जिला मुक्त एवं सुधार गृह (धर्मशाला जेल) में रविवार दोपहर एक मामूली बहस ने हिंसक रूप ले लिया।
अस्पताल जाने के लिए गार्द (सुरक्षा गार्ड) लगाए जाने की मांग को लेकर कैदियों और जेल स्टाफ के बीच हुई बहसबाजी खूनी झड़प में बदल गई।
इस हिंसक घटना में चार कैदी और चार जेल कर्मचारी घायल हो गए हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों की ओर से क्रॉस एफआईआर (Cross FIR) दर्ज कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12 बजे एक कैदी को अस्पताल भेजने के लिए गार्द (सुरक्षा एस्कॉर्ट) की मांग को लेकर कैदियों और जेल प्रबंधन के बीच बातचीत चल रही थी।
इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते यह विवाद मारपीट और लड़ाई-झगड़े में तब्दील हो गया।
आरोप है कि झड़प के दौरान जेल परिसर में लगी कांच की खिड़की तोड़ दी गई और उसके नुकीले टुकड़ों से एक-दूसरे पर जानलेवा वार किए गए।
इस दौरान जेल के भीतर भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि इस घटना में शामिल कैदी पहले से ही गंभीर आपराधिक मामलों में सजायाफ्ता हैं।
इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं। घायल होने वाले चार जेल कर्मचारियों की पहचान हेड कांस्टेबल राकेश वर्मा, सूरज, अजीत और शिवराम के रूप में हुई है।
कर्मचारियों का इलाज: घायल जेल कर्मचारियों को तुरंत इलाज के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (टांडा) ले जाया गया है। इनमें एक हेड कांस्टेबल को गंभीर चोटें आई हैं।
कैदियों का इलाज: घायल कैदियों का उपचार और मेडिकल जांच धर्मशाला के जोनल अस्पताल में करवाया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही धर्मशाला पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
धर्मशाला जेल के कार्यकारी प्रभारी एवं सहायक उप-अधीक्षक राजेश ने स्थानीय पुलिस थाने को आधिकारिक रूप से इस घटना की सूचना दी।
धर्मशाला पुलिस थाना के एसएचओ (SHO) नारायण सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य और तथ्य जुटा लिए गए हैं।
दोनों पक्षों (कैदियों और जेल स्टाफ) की शिकायतों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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