जौनपुर में पैक्ड पानी के कारोबारियों के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। अब 1 लाख रुपये के महंगे BIS सर्टिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी, बल्कि FSSAI द्वारा मात्र 3,000 रुपये में सीधा लाइसेंस जारी किया जाएगा।
जौनपुर: पैक्ड पानी के कारोबारियों को बड़ी राहत, BIS सर्टिफिकेशन की अनिवार्यता खत्म, अब FSSAI देगा सीधा लाइसेंस”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
जनपद में पैक्ड पानी (Packaged Drinking Water) का कारोबार करने वाले व्यवसायियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।
सरकार ने पैक्ड पानी बेचने के नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) प्रमाणन की अनिवार्यता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है।
नई व्यवस्था के तहत अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSSAI) सीधे तौर पर पैक्ड पानी बेचने के लिए लाइसेंस जारी करेगा, जिससे कारोबारियों के समय और पैसे दोनों की भारी बचत होगी।
इस नए नियम से कारोबारियों को बड़ा आर्थिक फायदा होगा। पहले पानी निर्माता कंपनियों को पानी की जांच और लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए BIS को प्रति वर्ष लगभग एक लाख रुपये तक का भारी-भरकम शुल्क चुकाना पड़ता था।
इसके अलावा BIS प्रमाणन के बाद ही FSSAI लाइसेंस मिल पाता था। लेकिन अब इस दोहरी बाध्यता को खत्म कर दिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत, कारोबारियों को अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को लाइसेंस के लिए केवल तीन हजार रुपये का वार्षिक शुल्क देना होगा।
इस कदम से लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया न केवल सरल हुई है, बल्कि काफी कम खर्चीली भी हो गई है।
लाइसेंस प्रक्रिया आसान होने का मतलब यह नहीं है कि पानी की गुणवत्ता से कोई समझौता किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSSAI) अब हर महीने पानी के प्लांट से नमूना (Sample) लेकर उसकी कड़ी जांच करेगा।
इससे यह सुनिश्चित होगा कि उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाला पैक्ड पानी पूरी तरह से सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला है।
लाइसेंस प्रक्रिया के सरलीकरण से स्थानीय स्तर पर इस कारोबार का तेजी से विस्तार हो रहा है। वर्तमान में जौनपुर जिले के औद्योगिक क्षेत्र सतहरिया, सिधवन और जलालपुर के लहंगपुर में तीन पैक्ड पानी प्लांट संचालित हैं।
इसके अलावा हाल ही में मड़ियाहूं और कबूलपुर में भी पैक्ड पानी बेचने के लिए नए लाइसेंस जारी किए गए हैं।
सहायक खाद्य आयुक्त मंजुला सिंह ने इस बदलाव की पुष्टि करते हुए बताया, “अब पैक्ड पानी बेचने वालों को सिर्फ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ही लाइसेंस जारी करेगा।
नियमों में यह बदलाव कारोबारियों की सहूलियत के लिए किया गया है।” इस नई प्रक्रिया से कारोबारियों को लाइसेंस प्राप्त करने के लिए होने वाली दफ्तरों की भागदौड़ से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी और उनके व्यापार में सुगमता (Ease of Doing Business) आएगी।
कैंसर की दवाओं पर 'दिनदहाड़े डकैती': 2700 की दवा पर 27000 का MRP, सुप्रीम कोर्ट…
'वोटों की चोरी' और 'देशद्रोह': राहुल, अखिलेश और TMC का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला,…
मेघालय में बड़ा सियासी उलटफेर: UDP के 8 विधायक BJP में शामिल, विधानसभा में संख्या…
चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला: 'सत्ता की कठपुतली बना आयोग, 10 महीने…
बसपा में बड़ा फेरबदल: ईशान आनंद बने पार्टी के नए 'नेशनल कोऑर्डिनेटर', मायावती का आशीर्वाद…
खाकी पर गंभीर आरोप: वाराणसी के युवक का अपहरण कर जौनपुर ले गई पुलिस, फर्जी…