हिमाचल/ बद्दी : नकली API प्रकरण में अब गुजरात की फर्मे जांच के दायरे में

“हिमाचल के बद्दी में पकड़े गए 950 किलो नकली एपीआई सुक्राल्फेट के मामले में अब जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। औषधि नियंत्रण प्रशासन न केवल जब्त की गई खेप की जांच कर रहा है, बल्कि इससे जुड़े ट्रेडिंग नेटवर्क की भी परतें खोलने में जुट गया है”

सोलन / बद्दी 23 / 07 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

बताया जा रहा है कि बद्दी की एक फर्म ने गुजरात की कंपनियों से कुल 1750 किलो एपीआई मंगवाया था, जिसमें से करीब 800 किलो एपीआई पहले ही विभिन्न दवा निर्माताओं को वितरित किया जा चुका था।

जिसे मामले के सामने आने के दौरान ही औषधि प्रशासन ने रिकॉल करवा लिया था, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि इसके अलावा यह वितरित की गई खेप किन-किन यूनिट्स तक पहुंची और उससे बनी दवाएं बाजार में कहां-कहां तक गईं।

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार जब बीते वर्ष निरीक्षण के दौरान एपीआई का पहला सैंपल फेल हुआ था, तो औषधि नियंत्रण प्रशासन ने सारा स्टॉक तत्काल रिकॉल करवाया था। इसके बावजूद बड़ी मात्रा में एपीआई पहले ही सप्लाई हो चुका था, जो अब जांच का प्रमुख विषय है।

इतना ही नहीं, अब जांच की आंच उस सप्लायर कंपनी तक भी पहुंच चुकी है, जिससे आदिनाथ हेल्थकेयर ने यह एपीआई खरीदा था। अधिकारियों के अनुसार उस निर्माता या डीलर की भूमिका की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।

इसके अलावा औषधि प्रशासन अब इस मामले में अदालत के माध्यम से जब्त मटीरियल की कस्टडी लेने की प्रक्रिया में जुट गया है, ताकि आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई को मजबूती मिल सके। राज्य औषधि नियंत्रक डा.मनीष कपूर का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। 

गुजरात की फार्मा कंपनियों पर कार्रवाई की सिफारिश

हिमाचल प्रदेश औषधि प्रशासन ने नकली एपीआई के मामले में गुजरात की दो फार्मा कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की सिफारिश की है। जांच में पाया गया कि ‘सुक्रालफेट यूएसपी’ एपीआई के सैंपल पूरी तरह नकली हैं और इनमें औषधीय तत्त्व शून्य है।

इसी कड़ी में हिमाचल के ड्रग्स कंट्रोलर ने गुजरात एफडीसीए को पत्र लिखकर पार ड्रग्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (भावनगर) और लीजेंड इंडस्ट्रीज (अहमदाबाद) के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के तहत कार्रवाई करने को कहा है।