भारत सरकार की 'नेशनल डिजिटल यूनिवर्सिटी' और 'स्वयं प्लस' (SWAYAM Plus) पहल के जरिए देश के दूर-दराज इलाकों के लाखों युवा डिजिटल शिक्षा और रोजगार के नए अवसर प्राप्त कर रहे हैं।
डिजिटल यूनिवर्सिटी और SWAYAM Plus से बदल रही उच्च शिक्षा की तस्वीर, शिक्षा राज्य मंत्री ने राज्यसभा में पेश किए आंकड़े”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत देश के दूर-दराज, ग्रामीण और आदिवासी इलाकों तक उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार की ‘नेशनल डिजिटल यूनिवर्सिटी’ पहल बड़े बदलाव ला रही है।
शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में सरकार के डिजिटल शिक्षा मॉडल और इससे जुड़े रोजगार के अवसरों की विस्तृत जानकारी सदन पटल पर रखी।
शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि शिक्षा-केंद्रित और प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षा के विज़न के साथ इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत काम करने वाले NIELIT (राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान) ने अक्टूबर 2025 में “एनआईईएलआईटी डिजिटल यूनिवर्सिटी (NDU) प्लेटफॉर्म” लॉन्च किया था।
पाठ्यक्रम और तकनीक: यह प्लेटफॉर्म छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग और इंडस्ट्री 4.0 जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में ऑनलाइन और स्किल-बेस्ड (कौशल आधारित) कोर्स उपलब्ध करा रहा है।
पहुंच: एनडीयू (NDU) प्लेटफॉर्म अब तक देश के 750 से अधिक जिलों में अपनी पहुंच बना चुका है। वर्तमान में इसमें 100 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं और 2.70 लाख से अधिक शिक्षार्थियों ने इस पर अपना पंजीकरण कराया है।
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म छात्रों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि रोजगार के अवसर भी दे रहा है। एनआईईएलआईटी (NIELIT) पूर्व छात्र-सह-प्लेसमेंट पोर्टल के जरिए छात्रों को रोजगार और मार्गदर्शन मिल रहा है।
अक्टूबर 2025 से अब तक इस प्लेसमेंट पोर्टल पर 35,000 से अधिक शिक्षार्थी और 190 से अधिक भर्तीकर्ता (Recruiters) पंजीकृत हो चुके हैं।
एनईपी (NEP) 2020 के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए शिक्षा मंत्रालय सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (NMEICT) योजना के जरिए भी शिक्षा में तकनीक को बढ़ावा दे रहा है।
उद्योग (Industry) और शिक्षा जगत (Academia) के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए ‘स्वयं प्लस (SWAYAM Plus)’ प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है।
उद्योगों की भागीदारी: इसके पाठ्यक्रम 15 विभिन्न सेक्टरों के 80 से ज्यादा उद्योग साझेदारों द्वारा तैयार किए गए हैं, जिनमें आईटी, सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
रोजगार क्षमता में वृद्धि: अब तक 6 लाख से अधिक शिक्षार्थियों ने अपने कौशल (Skills) को बढ़ाने और रोजगार क्षमता को बेहतर करने के लिए इस प्लेटफॉर्म पर नामांकन किया है।
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