हाजीपुर: रेलवे ट्रैक पर मिला हाईटेक कैमरा, आतंकी साजिश नाकाम
बिहार के हाजीपुर में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: रेलवे ट्रैक पर मिला हाईटेक स्पाई कैमरा, यासीन भटकल और पाकिस्तान से जुड़े तार
हाजीपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
बिहार के हाजीपुर में सुरक्षा एजेंसियों और रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता से एक बहुत बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया है।
हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेल खंड के सराय रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर एक संदिग्ध और अत्याधुनिक हाईटेक कैमरा बरामद हुआ है।
इस कैमरे के जरिए रेलवे ट्रैक और सड़क मार्ग की पल-पल की मॉनिटरिंग की जा रही थी। इस खुलासे के बाद खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं, क्योंकि मामले के तार खूंखार आतंकी यासीन भटकल और पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़ रहे हैं।
NGO कर्मी बनकर आया था संदिग्ध, फाटक मैन की सतर्कता से हुआ खुलासा
जानकारी के अनुसार, सराय रेलवे स्टेशन के फाटक संख्या 43 के पास लगे सिंगल टावर पर एक युवक ने यह कैमरा इंस्टॉल किया था।
फाटक मैन के अनुसार, एक संदिग्ध युवक खुद को NGO (गैर सरकारी संगठन) का कर्मचारी बताकर वहां पहुंचा था।
वह युवक हरियाणवी भाषा बोल रहा था, जिस पर फाटक मैन को शक भी हुआ, लेकिन वह युवक चकमा देकर टावर पर कैमरा लगाकर वहां से निकल गया।
शक होने पर फाटक मैन ने तुरंत इसकी सूचना स्टेशन मास्टर मनोज कुमार को दी। इसके बाद स्टेशन मास्टर ने रेलवे मुख्यालय, आरपीएफ (RPF) और मुजफ्फरपुर रेल एसपी बीना कुमारी को अलर्ट किया।
4G सिम, सोलर प्लेट और नाइट विजन: कर्नाटक से हो रहा था ऑपरेट
जब सुरक्षा एजेंसियों ने इस कैमरे को उतारकर उसकी जांच की, तो उनके होश उड़ गए। यह कोई साधारण कैमरा नहीं था, बल्कि जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाला बेहद हाईटेक डिवाइस था:
तकनीक: यह कैमरा आईपी (IP) तकनीक पर आधारित था और 4G सिम कार्ड के जरिए इंटरनेट से कनेक्टेड था।
पावर: इसे बिजली की जरूरत नहीं थी, क्योंकि यह एक ‘सोलर प्लेट’ से संचालित हो रहा था।
नाइट विजन और कंट्रोल: कैमरा मूवेबल (घूमने वाला) था और रात के घुप अंधेरे में भी साफ रिकॉर्डिंग कर रहा था।
पुलिस की जांच में पता चला है कि कर्नाटक में बैठा कोई संदिग्ध व्यक्ति इस कैमरे को अपने मोबाइल फोन से ऑपरेट कर रहा था। पुलिस ने कैमरे से करीब एक घंटे की रिकॉर्डिंग भी निकाली है।
यासीन भटकल की तस्वीर और पाकिस्तानी नेटवर्क
इस मामले का सबसे खौफनाक पहलू यह है कि कैमरे की जांच के दौरान उसमें कुख्यात आतंकवादी ‘यासीन भटकल’ की तस्वीर भी मिली है।
प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया है कि इस कैमरे की मॉनिटरिंग कर्नाटक के तटीय क्षेत्र से की जा रही थी और इसके तार सीधे तौर पर पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन से जुड़े लोगों के नाम पर आ रहे हैं।
वीआईपी मूवमेंट या बड़े हमले की रेकी?
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह हाईटेक कैमरा रेलवे ट्रैक से गुजरने वाले किसी वीआईपी मूवमेंट (VIP Movement), किसी बड़ी हत्या या एक खौफनाक आतंकी हमले की ‘रेकी’ (जासूसी) के लिए लगाया गया था।
सराय रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर मनोज कुमार के बयान के आधार पर अज्ञात संदिग्धों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।
सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस अब आसपास के अन्य सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं, ताकि NGO कर्मी बनकर कैमरा लगाने वाले उस संदिग्ध युवक की जल्द से जल्द पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जा सके।
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