हरियाणा बाढ़ : बारिश से अंबाला-भूना में घरों में घुसा पानी, 3 ड्रेनों में आई दरार

“हरियाणा में बर्बादी की बारिश ने तबाही मचाई हुई है। अंबाला और भूना में घरों में पानी घुस गया है। अस्पतालों, स्कूलों और कॉलोनियों में पानी भर गया है। तीन जिलों के ड्रेनों में दरार आ गई है। लाडवा में तटबंध भी टूट गया है”

चंडीगढ़ 04 / 09 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

हरियाणा में नदी-नालों में उफान आने से स्थिति चिंताजनक हो गई है। हिसार, सिरसा और झज्जर में ड्रेनों में दरार आ गई है। घरों स्कूलों, अस्पतालों में पानी भर गया है। खेतों में फसलें डूब चुकी हैं। बारिश जनित हादसों में चार जिलों 30 मकान ढह गए या क्षतिग्रस्त हुए और आठ लोगों की जान चली गई।

9 जिलों के प्रभावित इलाकों के स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गईं। पांच जिलों में करीब 200 परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। सात जिलों की 1,71,665 एकड़ फसल डूबी हुई है।

ड्रेन टूटने से करीब 300 एकड़ में फसलें डूबीं

फतेहाबाद के भूना में बाढ़ जैसे हालात हैं। 73 गांवों में जलभराव है। 600 घरों में पानी घुसने से लोग बेहाल हैं। करीब 80 परिवारों ने पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। हिसार में गांव घिराय व कैमरी के पास घग्गर ड्रेन टूटने से करीब 300 एकड़ में फसलें डूब गईं।

बहादुरगढ़ में दिल्ली सीमा पर मुंगेशपुर ड्रेन 50 फीट तक टूट गई जिससे पानी झाड़ौदा कलां के पास बसी गीतांजलि एन्क्लेव कॉलोनी में घुस गया। कुछ घरों में पानी भर गया। भिवानी जिले में करीब 4700 एकड़ फसल में जलभराव है। कई गांवों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी स्कूलों में भी पानी भरा है।

41 गांव प्रभावित

सोनीपत में यमुना नदी का पानी खेतों में घुस गया है। कई घर पानी से घिर गए। गन्नौर में तेज आंधी से 130 खंभे व 38 ट्रांसफॉर्मर गिर गए। रोहतक जिले में 30 हजार एकड़ से अधिक फसलें बारिश के पानी में डूबी हैं। 41 गांव प्रभावित हो चुके हैं।

सिरसा के चौपटा में हिसार घग्घर ड्रेन में गांव गुडिया खेड़ा के पास बुधवार को दरार आ गई। हालांकि ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए लीकेज को काबू कर लिया। कैथल जिले के छह गांवों में नदी का पानी आया है। 

करीब 400 एकड़ फसल डूबी

पानी के कारण करीब 400 एकड़ फसल डूबने का अनुमान है। कुरुक्षेत्र रात के समय ईस्माइलाबाद में मारकंडा व लाडवा में राक्षी नदी का तीन स्थानों पर तटबंध टूटने से लाडवा शहर और नजदीकी गावों में पानी भर गया है।

प्रभावित गांवों में एसडीआरएफ ने मोर्चा संभाल लिया है। 35 बच्चों व करीब 200 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है। करनाल के कुंजपुरा, घरौंडा और इंद्री के करीब 34 गांव के खेतों में यमुना का पानी घुस चुका है।

झज्जर में तीन हजार एकड़ फसलें डूबी, नौ गांवों में जलभराव

ड्रेन नंबर-आठ में पानी का बहाव ज्यादा है। बारिश के चलते बेरी, साल्हावास और झज्जर में तीन हजार एकड़ में फसलें डूबी हैं। माजरा बी, माजरा डी, मलिकपुर समेत नौ गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। भंभेवा, दूबलधन बिध्याण, किरमाण, जहाजगढ़ के सरकारी स्कूलों में पानी भरा हुआ है।

हिसार के 30 गांवों-ढाणियों में भरा पानी

जिले में करीब 60 हजार एकड़ फसलें जलमग्न हैं। 30 गांवों के बाहरी बस्तियों और ढाणियों में पानी भरा हुआ है। 36 स्कूलों के परिसर में जलभराव है। मिर्जापुर में करीब 20 मकान मालिकों को जलभराव के कारण मकान खाली करने पड़े हैं।

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