गुजरात : आज होगा CM पटेल की नई टीम का शपथ ग्रहण

“इस बड़े बदलाव के जरिये भाजपा राज्य में नई ऊर्जा का संचार करना चाहती है। पार्टी युवाओं को बड़ी जिम्मेदारी देने का संकेत भी देना चाहती है। पार्टी सुनिश्चित करना चाहती है कि पाटीदार समुदाय के साथ ओबीसी और शहरी वर्ग का संतुलन बना रहे”

अहमदाबाद 17 / 10 / २०२५ संतोष सेठ की रिपोर्ट 

गुजरात में मंत्रिपरिषद विस्तार से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़कर सभी 16 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। पटेल शुक्रवार को मंत्रिपरिषद का विस्तार करेंगे।

यह फेरबदल  भाजपा के मिशन 2027 के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पार्टी अगले विधानसभा चुनाव से पहले नए समीकरण को परखने की तैयारी कर रही है।

राज्यपाल आचार्य देवव्रत सुबह 11 बजे नए मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे। मौजूदा मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री पटेल के अलावा 16 मंत्री थे। इनमें आठ कैबिनेट एवं आठ राज्यमंत्री थे। पटेल ने 12 दिसंबर, 2022 को मुख्यमंत्री पद की दूसरी बार शपथ ली थी।

182 सदस्यों की विधानसभा में सदन की कुल संख्या का 15 प्रतिशत यानी 27 मंत्री हो सकते हैं। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, विस्तार में दस नए मंत्री मिल सकते हैं। समारोह में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा मौजूद रहेंगे। सभी विधायकों को गांधीनगर में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की सीएम भूपेंद्र पटेल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल और वरिष्ठ नेताओं के साथ अंतिम बातचीत हो चुकी है। नड्डा का गुजरात दौरा पीएम नरेंद्र मोदी के आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक के कुछ दिनों बाद हो रहा है, जहां गृह मंत्री अमित शाह, सीआर पाटिल और सीएम पटेल ने बदलाव की रणनीति तैयार की। 

पहले संगठन में बदलाव, अब सरकार की बारी

मंत्रिपरिषद में बदलाव से पहले पार्टी जगदीश विश्वकर्मा को नया प्रदेश अध्यक्ष बना चुकी है। गुजरात सरकार में राज्य मंत्री रहे विश्वकर्मा को सीआर पाटिल की जगह कमान सौंपी गई है।

मंत्रिपरिषद में हो सकते हैं ये नए चेहरे

मंत्रिपरिषद में नए चेहरों के रूप में जयेश राडाडिया, शंकर चौधरी, अर्जुन मोढवाडिया, जीतू वघानी, रीवा जडेजा, अल्पेश ठाकोर को जगह मिल सकती है। पार्टी का मानना है, इससे युवा नेताओं का हौसला और ओबीसी-पाटीदार प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, सौराष्ट्र क्षेत्र में इसका लाभ मिल सकेगा।

संतुलन साधने की कवायद

समझा जाता है बदलाव के जरिये भाजपा राज्य में नई ऊर्जा का संचार करना चाहती है। पार्टी युवाओं को बड़ी जिम्मेदारी देने का संकेत भी देना चाहती है। पार्टी सुनिश्चित करना चाहती है कि पाटीदार समुदाय के साथ ओबीसी और शहरी वर्ग का संतुलन बना रहे।

2021 में भी बदल दिया था पूरी सरकार का चेहरा

  • 2022 के विधानसभा चुनाव से 15 महीने पहले सितंबर, 2021 में पूरी सरकार का चेहरा बदल दिया गया था। इस बार चुनाव को करीब 26 महीने बचे हैं। हालांकि, इस बार मुख्यमंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया है।  
  •  2021 में तो पांच साल के अंदर दो बार मुख्यमंत्री बदले गए थे।
  •  2017 के चुनाव के बाद विजय भाई रूपाणी को सीएम बनाया गया था, लेकिन 2021 में उन्हें हटाकर भूपेंद्र पटेल को जिम्मेदारी दे दी गई।

एंटी इनकंबेंसी को खत्म करने की कोशिश?

 2022 में गुजरात में विधानसभा चुनाव हुए थे। चुनाव से 15 महीने पहले सितंबर 2021 में राज्य की पूरी कैबिनेट बदल दी गई थी। इस बार राज्य में चुनाव को करीब 26 महीने बचे हुए हैं। हालांकि, इस बार मुख्यमंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया है सिर्फ उनके कैबिनेट सहयोगियों ने पद छोड़े हैं।

2021 में तो पांच साल के अंदर दो बार मुख्यमंत्री बदल दिए गए थे। 2017 में जब चुनाव हुआ था, तब विजय भाई रूपाणी को सीएम बनाया गया था, लेकिन 2021 में उन्हें हटाकर भूपेंद्र पटेल को जिम्मेदारी दे दी गई।

वहीं चुनाव में 182 में से 103 नए चेहरों को टिकट दिया गया। पांच मंत्रियों समेत 38 विधायकों के टिकट काट दिए गए। 2022 के चुनाव में में इसका नतीजा भी देखने को मिला।

भाजपा ने गुजरात में रिकॉर्ड 156 सीटें हासिल की। कहा जा रहा है इसी फॉर्मूले के तहत गुजरात कैबिनेट के मंत्रियों की छुट्टी हुई है। विश्लेषक मानते हैं कि चेहरे बदलकर भाजपा राज्य में लंबे समय से चल रही सरकार के प्रति होने वाली एंटी इनकंबेंसी को खत्म कर देती है।

नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद से पूरी कैबिनेट को चुनाव से करीब 15 महीने पहले बदला जा रहा था। हालांकि, इस बार ये बदलाव थोड़ा जल्दी हुआ है।