चुनाव आयोग विवाद: आज रविवार को इंडिया गेट से नागरिक मार्च
SIR विवाद: जंतर-मंतर पर रविवार को फिर ‘नागरिक मार्च’, प्रदर्शन की अनुमति न मिलने पर हाईकोर्ट पहुंची यूथ कांग्रेस”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट
चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों के खिलाफ दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है।
शनिवार को 150 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद, अब रविवार को भी इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक एक बड़ा ‘नागरिक मार्च’ निकालने का ऐलान किया गया है।
दूसरी तरफ, इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने प्रदर्शन की अनुमति न मिलने पर दिल्ली पुलिस के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख कर लिया है।
आइसा (AISA) के नेतृत्व में दोपहर 3 बजे से मार्च
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के नेतृत्व में यह नागरिक मार्च रविवार दोपहर तीन बजे इंडिया गेट से शुरू होकर जंतर-मंतर की ओर जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि इस मार्च में सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और बड़ी संख्या में छात्र व सामाजिक कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे।
मार्च का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची में हो रहे बदलावों को लेकर अपनी चिंताओं को जनता के सामने रखना है।
इसे देखते हुए नई दिल्ली और जंतर-मंतर के आसपास पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी है।
अनुमति न मिलने पर हाईकोर्ट पहुंचे IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब
इस पूरे विवाद के बीच, इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है।
उन्होंने दिल्ली पुलिस के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें जंतर-मंतर पर 100 से 150 लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था।
IYC की याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने बिना उचित आकलन किए मनमाने ढंग से प्रदर्शन की अनुमति रोक दी।
याचिका के मुताबिक, संगठन ने 25 सितंबर को ही पुलिस को आवेदन देकर यातायात और सुरक्षा नियमों का पालन करने का भरोसा दिया था, लेकिन उन्हें 1 अक्टूबर (जिस दिन प्रदर्शन होना था) को बताया गया कि अनुमति नहीं मिली है।
IYC ने इसे संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(ए) और 19(1)(बी) के तहत अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण सभा की स्वतंत्रता के अधिकार का खुला हनन बताया है।
‘जिंदा भूत’ बनकर कार्यकर्ताओं ने किया था अनूठा प्रदर्शन
गौरतलब है कि यह याचिका ऐसे समय में आई है, जब एक दिन पहले ही IYC कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक मार्च करने की कोशिश की थी।
इस दौरान कई कार्यकर्ता काले कपड़े, सफेद मास्क और गले में खोपड़ी का प्रतीक पहनकर ‘जिंदा भूत’ (Living Ghosts) बनकर प्रदर्शन करने पहुंचे थे।
उनका आरोप था कि वे जीवित हैं, लेकिन फिर भी चुनाव आयोग की अनियमितताओं के कारण उनके नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं।
पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं को IYC दफ्तर के बाहर ही बैरिकेडिंग कर रोक दिया था।
चुनाव आयोग (SIR) विवाद: दिल्ली में विरोध और कानूनी लड़ाई
| गतिविधि / विषय | महत्वपूर्ण जानकारी |
| रविवार का नागरिक मार्च | दोपहर 3 बजे इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक (AISA के नेतृत्व में)। |
| मार्च के प्रमुख चेहरे | योगेंद्र यादव, नेहा बोरा और अन्य सामाजिक/छात्र कार्यकर्ता। |
| IYC की कानूनी लड़ाई | राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। |
| याचिका का कारण | दिल्ली पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन (100-150 लोग) की अनुमति न देना। |
| संविधान का हवाला | अनुच्छेद 14, 19(1)(ए) और 19(1)(बी) (शांतिपूर्ण सभा का अधिकार)। |
| ‘जिंदा भूत’ प्रदर्शन | IYC कार्यकर्ताओं ने काले कपड़े पहनकर मतदाता सूची से नाम कटने का विरोध किया। |











