जौनपुर : चीनी मांझे ने ली युवा डॉक्टर की जान, गर्दन कटने से दर्दनाक मौत
“मकर संक्रांति पर जहाँ एक तरफ आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सज़ा था, वहीं जमीन पर प्रतिबंधित ‘चीनी मांझे’ (Chinese Manjha) ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियाँ उजाड़ दीं”
ब्यूरो रिपोर्ट | जौनपुर। 15 / 01 / 2026 संतोष सेठ की रिपोर्ट
जौनपुर जिले में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जहाँ चीनी मांझे की चपेट में आने से एक 28 वर्षीय युवा फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर की गर्दन कट गई और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पंचहटिया के पास हुआ हादसा
घटना शहर के पंचहटिया स्थित प्रसाद इंटरनेशनल स्कूल के पास की है। मृतक की पहचान केराकत कोतवाली क्षेत्र के शेखजादा मोहल्ला निवासी डॉ. समीर हासिमी (28) के रूप में हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, डॉ. समीर अपनी बाइक से जौनपुर से वापस अपने घर केराकत लौट रहे थे। दोपहर करीब 1 बजे, जैसे ही वे स्कूल के पास पहुंचे, अचानक एक पतंग का मांझा उनकी गर्दन में उलझ गया।
मांझा इतना धारदार था कि उससे उनकी गर्दन गहरे तक कट गई। अत्यधिक खून बहने (Excessive Bleeding) के कारण वहां अफरातफरी मच गई और अस्पताल पहुँचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
पिता का रो-रोकर बुरा हाल
डॉ. समीर के पिता मुकीम ने बताया कि उनका बेटा केराकत बाजार में अपना क्लिनिक चलाता था। वह सुबह किसी काम से और एक अन्य डॉक्टर से मिलने जौनपुर गया था।
काम निपटाकर लौटते समय यह हादसा हो गया। स्थानीय लोग और पुलिस उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की अपील: ‘थोड़ी सी खुशी के लिए जान न लें’
घटनास्थल पर पहुंचे सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा:
“चीनी मांझा पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसे बेचने वालों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। इसके बावजूद लोग ऑनलाइन या चोरी-छिपे इसे खरीद रहे हैं। मेरी अपील है कि मकर संक्रांति पर थोड़ी सी खुशी और पतंग काटने के लालच में इस जानलेवा मांझे का इस्तेमाल न करें।”
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जाँच कर रही है।











