चुनाव आयोग अब पूरे देश में लागू करेगा SIR, कब शुरू होगा प्रोसेस?

“बिहार में SIR को लेकर बवाल थमा नहीं है कि चुनाव आयोग अब पूरे देश में इसे लागू करने की तैयारी कर चुका है। दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक बैठक बुलाई थी जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चुनाव आयुक्त मौजूद रहे”

मीटिंग में सभी राज्यों के CEC के सामने प्रेजेंटेशन दी गई। सभी अधिकारियो से जल्दी ही SIR की तैयारी करने को कहा गया है। सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के CEO से कहा है कि वे 30 सितंबर तक जरूरी तैयारी पूरी कर लें। ज्यादातर राज्यों ने कहा है कि वे सितंबर के अंत तक तैयार हो जाएंगे। जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है। 

चुनाव आयोग तैयारियों की समीक्षा करेगा उसके बाद पूरे देश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराया जाएगा। चुनाव आयोग इसी साल के अंत में कुछ राज्यों में SIR की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। 

बंगाल में SIR को लेकर घमासान तेज

अगले साल पश्चिम बंगाल में चुनाव होने हैं, वहां SIR को लेकर संग्राम तेज हो रहा है। इस बीच चुनाव आयोग की ये बैठक काफी अहम थी। बिहार में 65 लाख वोटर्स के नाम कटने पर बवाल मचा है।

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव बिहार में इस मुद्दे को जोरशोर से उठा रहे हैं। अगला नंबर बंगाल का हो सकता है तो साफ है कि SIR को लेकर अभी घमासान और तेज होगा।

क्या है SIR? 

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक प्रक्रिया है, जिसके तहत चुनाव आयोग, मतदाता सूची को अपडेट करता है। उदाहरण के तौर पर कई बार ऐसा पाया जाता है कि किसी व्यक्ति का निधन हो चुका है लेकिन उसका नाम वोटर लिस्ट में मौजूद है। 

कई बार कोई व्यक्ति 18 वर्ष का पूरा हो जाता है लेकिन उसका नाम मतदाता सूची में ऐड नहीं होता है तो ऐसी स्थिति में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाए या ऐड किए जाते हैं। कई बार लोग उस क्षेत्र को छोड़ चुके होते हैं, जहां चुनाव हो रहा है, ऐसे में भी मतदाता का नाम SIR के जरिए सूची से हटाया जाता है।    

क्या सभी वोटरों को दिखाने होंगे दस्तावेज?

कई लोगों का ये सवाल है कि जिस तरह से SIR की प्रक्रिया हो रही है तो क्या सभी वोटरों को अपने दस्तावेज दिखाने होंगे। दरअसल ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। अगर किसी वोटर का नाम मतदाता सूची से किसी वजह से कट गया है तो वह अपने दस्तावेज दिखाकर अपना नाम मतदाता सूची में ऐड करवा सकता है। जिनके नाम मतदाता सूची में पहले से हैं, उन्हें किसी तरह के दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं है।

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