जौनपुर / शाहगंज : लोकल ट्रेन बम धमाके मामले में बरी हुए एहतेशाम सिद्दीकी, मिली थी फांसी की सजा
“मुंबई हाईकोर्ट ने 19 साल पुराने लोकल ट्रेन बम धमाके के मामले में जौनपुर के मनेछा पुरवा गांव निवासी एहतेशाम सिद्दीकी को बरी कर दिया है। एहतेशाम की रिहाई की खबर पहुंचते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने खुशी का इजहार किया”
जौनपुर / शाहगंज 23 / 07 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
एहतेशाम की गिरफ्तारी के समय वह मुंबई के एक कॉलेज में केमिकल जीनियरिंग के चौथे वर्ष में पढ़ रहे थे। गिरफ्तारी के बाद उनकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई अधूरी रह गई। जेल में रहते हुए उन्होंने कुरान मुजाबानी याद किया। वर्तमान में वे कानून की पढ़ाई कर रहे हैं।
एहतेशाम की गिरफ्तारी से पूरा परिवार प्रभावित हुआ। उनके पिता कुतुबुद्दीन सऊदी अरब में नौकरी करते थे। दो छोटे भाइयों एहसानुद्दीन और मुस्तकीम की पढ़ाई भी रुक गई। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने पहले 12 में से 7 आरोपियों को उम्रकैद और 5 को फांसी की सजा सुनाई थी।
एहतेशाम को भी फांसी की सजा मिली थी। जमीयत उलमा-ए-हिंद ने मौलाना अरशद मदनी के नेतृत्व में कानूनी लड़ाई लड़ी। हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया।एहतेशाम के पिता ने कहा कि उनका बेटा बेकसूर था। गांव में नमाज-ए-शुक्र अदा की गई। परिवार ने भारतीय न्यायपालिका पर विश्वास जताते हुए कहा कि उनका न्याय पर भरोसा जीत गया है।











