हिमाचल : धर्मशाला में अतिरिक्त ड्रग नियंत्रक के ऑफिस में ईडी के छापे

“फार्मास्युटिकल कंपनियों से रिश्वत लेने के आरोपों पर अतिरिक्त ड्रग नियंत्रक धर्मशाला निशांत सरीन के कार्यालय में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने छापे मारे। सुबह पहुंची टीम दिन भर कार्यालय में दस्तावेजों को खंगालती रही”

धर्मशाला 24 / 06 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

देर शाम को टीम निशांत सरीन के धर्मशाला कार्यालय से कुछ दस्तावेजों को अपने साथ लेकर गई है। निशांत सरीन का कार्यालय धर्मशाला अस्पताल की लैब के साथ ही स्थित है और टीम की जांच के दौरान कार्यालय के कर्मचारियों को भी प्रवेश नहीं दिया गया।

इससे पहले रविवार को निशांत सरीन, ससुर और एक अन्य सहयोगी के आवास और व्यवसायिक संस्थानों पर ईडी ने छापे मारी की थी। इस दौरान चर्चा रही कि धर्मशाला में भी ईडी की टीम पहुंची है।

वहीं, सोमवार सुबह ही ईडी टीम में शामिल करीब नौ सदस्य ने निशांत सरीन के कार्यालय में पहुंच कर दस्तावेजों को खंगालना आरंभ कर दिया। इस दौरान टीम ने विशेष तौर पर दवा निर्माण लाइसेंस, गुणवत्ता निरीक्षण और फार्मास्युटिकल्स को जारी मंजूरी संबंधी फाइलों की जांच की गई। 

साथ ही लाइसेंस, निरीक्षण गतिविधियों के दस्तावेजों, डिजिटल डिवाइस और फाइलें जब्त भी की हैं। निशांत सरीन पर बद्दी में असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर के पद पर रहने के दौरान स्टेट विजिलेंस ने 11 सितंबर 2019 को मामला दर्ज किया था। 

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार को हिमाचल के कांगड़ा में तैनात सहायक ड्रग नियंत्रक निशांत सरीन, उनके परिवार के सदस्यों और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत छापे मारे।

ईडी ने सुबह 4:00 बजे से शुरू कार्रवाई के दौरान बिलासपुर, चंडीगढ़ और पंचकूला में पांच आवासीय और वाणिज्यिक परिसरों की तलाशी ली थी। ईडी ने कई दस्तावेज खंगाले और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व बैंक खातों की डिटेल कब्जे में ली।

ईडी को शक है कि सरीन ने अपने पद का दुरुपयोग कर फार्मा कंपनियों से अनुचित लाभ लिया। सरीन की करीबी सहयोगी कोमल खन्ना भी इस मामले में संदिग्ध बताई जा रही हैं। रमेश का नाम भी जांच में सामने आया है।
 
विजिलेंस ने भी सरीन के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में अभियोजन की मंजूरी मांगी थी। आरोप था कि सरीन ने बद्दी के फार्मा हब में तैनाती के दौरान नियमों को तोड़कर दवा कंपनियों को फायदा पहुंचाया।
 
हिमाचल प्रदेश पुलिस की राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से अगस्त 2019 में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की है। हिमाचल पुलिस की जांच में सरीन पर बद्दी स्थित फार्मास्युटिकल कंपनियों से रिश्वत लेने के आरोप लगे थे।
 
सरीन को सितंबर 2019 में गिरफ्तार किया था और कोमल खन्ना के साथ चार्जशीट दाखिल की गई थी। अक्तूबर 2019 में जमानत मिलने के बाद सरीन को 2024 में एडीसी कांगड़ा पदस्थापित किया गया था।