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अर्थव्यवस्था 2025: वित्त मंत्रालय ने पेश किया ‘न्यू इंडिया’ का रिपोर्ट कार्ड

16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट सौंपी गई, ₹250 की ‘छोटी एसआईपी’ से लेकर कतर में यूपीआई तक—जानें आर्थिक मोर्चे पर भारत की 10 बड़ी जीत”

विशेष संवाददाता | नई दिल्ली

वर्ष 2025 भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए संरचनात्मक सुधारों, डिजिटल विस्तार और बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक निवेश का वर्ष साबित हुआ है।

वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग (DEA) ने वर्ष 2025 का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया है, जो बताता है कि भारत न केवल वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच स्थिर है, बल्कि ‘विकसित भारत’ की नींव को और मजबूत कर रहा है।

डीईए ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कैसे मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिरता, पूंजी बाजार में सुधार और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) ने आम आदमी के जीवन को सुगम बनाया है।

16वें वित्त आयोग ने सौंपी रिपोर्ट: भविष्य का रोडमैप तैयार

एक ऐतिहासिक घटनाक्रम में, 16वें वित्त आयोग ने 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए अपनी रिपोर्ट 17 नवंबर 2025 को राष्ट्रपति को सौंप दी है।

आयोग ने केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे और वित्तीय प्रबंधन पर व्यापक विश्लेषण किया है। यह रिपोर्ट जल्द ही संसद में पेश की जाएगी, जो अगले पांच वर्षों के लिए देश की राजकोषीय नीति की दिशा तय करेगी।

शेयर बाजार और निवेशकों के लिए क्रांतिकारी बदलाव

सेबी (SEBI) और डीईए ने खुदरा निवेशकों को सशक्त बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं:

  • ‘छोटी एसआईपी’ (Micro SIP): अब मात्र ₹250 में एसआईपी शुरू की जा सकती है, जिससे निम्न आय वर्ग भी बाजार से जुड़ सकेगा।

  • सेबी चेक (SEBI Check): 1 अक्टूबर 2025 से ‘सेबी चेक’ टूल लॉन्च किया गया है, जिससे निवेशक बिचौलियों के बैंक खातों और यूपीआई आईडी की असली जांच कर सकेंगे।

  • टी+3 लिस्टिंग: पब्लिक डेट सिक्योरिटीज की लिस्टिंग का समय T+6 से घटाकर T+3 दिन कर दिया गया है।

  • फिन-फ्लुएंसर्स पर नकेल: अनियमित वित्तीय सलाहकारों (Fin-fluencers) पर लगाम लगाने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन फाइनेंस को बूस्ट

सरकार ने बुनियादी ढांचे पर खर्च की रफ्तार बढ़ाई है:

  • कैपेक्स रिकॉर्ड: वित्त वर्ष 2024-25 में इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्रालयों ने ₹10.46 लाख करोड़ का पूंजीगत व्यय (Capex) किया।

  • ग्रीन बॉन्ड: पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं के लिए सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड के जरिए ₹21,697 करोड़ जुटाए गए।

  • शिपिंग सेक्टर: इंफ्रास्ट्रक्चर लिस्ट में “बड़े जहाज” (Large Ships) को एक नया उप-क्षेत्र बनाया गया है, जिससे इस सेक्टर में निवेश बढ़ेगा।

डिजिटल रुपया और यूपीआई का डंका

भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम अब वैश्विक हो चुका है:

  • कतर में यूपीआई: सिंगापुर के बाद अब कतर यूपीआई अपनाने वाला 8वां देश बन गया है।

  • डिजिटल रुपया (CBDC): ई-रुपये का पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा है। नवंबर 2025 तक 82 लाख यूजर और 11 लाख व्यापारी इससे जुड़ चुके हैं। इसे अब यूपीआई क्यूआर कोड के साथ इंटरऑपरेबल बना दिया गया है।

घर खरीदारों को बड़ी राहत: स्वामी फंड (SWAMIH Fund)

रुकी हुई हाउसिंग परियोजनाओं को पूरा करने के लिए बनाया गया ‘स्वामी फंड’ वरदान साबित हुआ है:

  • अब तक 58,596 घर पूरे होकर खरीदारों को मिल चुके हैं।

  • फंड ने अपने निवेशकों को 50% पूंजी वापस भी कर दी है।

  • सफलता को देखते हुए ‘स्वामी फंड-2’ की घोषणा की गई है, जिसका लक्ष्य 15,000 करोड़ रुपये है।

2014 बनाम 2025: आंकड़ों में बदलता भारत

वित्त मंत्रालय ने पिछले 11 वर्षों (2014-2025) का तुलनात्मक डेटा भी जारी किया है, जो भारत की प्रगति की गवाही देता है:

क्षेत्र 2014 की स्थिति 2025 की स्थिति बदलाव
महंगाई दर 5.8% 2.8% भारी गिरावट
हवाई अड्डे 74 157 दोगुने से ज्यादा
मेडिकल सीटें 51,348 1,18,190 130% वृद्धि
इंटरनेट डेटा कीमत ₹269 /GB ₹8.31 /GB बेहद सस्ता
स्टार्टअप्स 350 1,57,706 ऐतिहासिक उछाल
गरीबी (MPI) 29.2% 11.3% बड़ी कमी

 

साइबर सुरक्षा और स्थिरता पर जोर

आर्थिक विकास के साथ-साथ साइबर सुरक्षा पर भी पूरा जोर है। वित्तीय क्षेत्र की 100 से अधिक महत्वपूर्ण प्रणालियों को संरक्षित घोषित किया गया है।

वित्त मंत्रालय का यह रिपोर्ट कार्ड स्पष्ट करता है कि भारत न केवल अपनी अर्थव्यवस्था को आधुनिक बना रहा है, बल्कि समावेशी विकास के साथ वैश्विक मंच पर अपनी धाक जमा रहा है।

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