अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान और ईरान के साथ बढ़ते तनाव के कारण बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई।
शेयर बाजार में ‘ब्लैक वेडनसडे’: ट्रंप के एक बयान से दलाल स्ट्रीट में मचा हाहाकार, 1600 अंक टूटा सेंसेक्स, निवेशकों के 8 लाख करोड़ स्वाहा”
THE POLITICS AGAIN डेस्क (बिजनेस/मार्केट रिपोर्ट): संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार का दिन निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल (Crude Oil) की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच दोपहर बाद बिकवाली (Sell-off) का ऐसा भयानक तूफान आया कि दलाल स्ट्रीट लाल निशान में डूब गई।
इस घबराहट की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का एक तीखा बयान रहा, जिसने पहले से ही जलते हुए वैश्विक बाजार में घी का काम किया।
इस भारी गिरावट के कारण नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 24,000 के अहम स्तर को तोड़कर नीचे आ गया, जबकि सेंसेक्स (Sensex) में 1,600 से अधिक अंकों का गोता दर्ज किया गया।
कारोबार के दूसरे हिस्से (दोपहर बाद) में बिकवाली तब अचानक तेज हो गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने का अंतरिम समझौता अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है।
हॉर्मुज में सैन्य तनाव: आपको बता दें कि हाल ही में यूएस सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) ने होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में ईरान के सैन्य ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए थे।
तेल प्रतिबंध लागू: इसके साथ ही अमेरिका ने ईरानी कच्चे तेल की बिक्री पर फिर से कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं।
इस नए भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) से मिडिल ईस्ट में स्थिरता खत्म होने और वैश्विक तेल आपूर्ति ठप होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे दुनिया भर के बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजार भी बुरी तरह सहम गया।
कारोबार के अंत में बाजार के आंकड़े निवेशकों के भारी नुकसान की गवाही दे रहे थे:
सेंसेक्स (BSE Sensex): 1,677.12 अंक यानी 2.15% की बड़ी गिरावट के साथ 76,503.60 के स्तर पर बंद हुआ।
निफ्टी (NSE Nifty): 516.65 अंक यानी 2.12% टूटकर 23,882.05 पर बंद हुआ।
बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। कुल 1,023 शेयरों में तेजी रही, जबकि 3,070 शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई और 159 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए।
निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल (Jio Financial), इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन), श्रीराम फाइनेंस, मारुति सुजुकी और हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) शामिल रहे।
दूसरी ओर, गिरते बाजार में ओएनजीसी (ONGC), हिंदाल्को, कोल इंडिया और बजाज ऑटो बढ़त के साथ बंद हुए।
लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। बाजार में डर का संकेत देने वाला सूचकांक ‘इंडिया VIX’ (India VIX) करीब 25% उछल गया, जो निवेशकों में भारी घबराहट को दर्शाता है।
शेयर बाजार में आई इस सुनामी से निवेशकों को बड़ा वित्तीय झटका लगा है।
मंगलवार (कल) तक बीएसई (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹479.67 लाख करोड़ था, जो बुधवार को बाजार बंद होने पर घटकर ₹471.49 लाख करोड़ रह गया।
इसका सीधा मतलब है कि एक ही दिन में निवेशकों की करीब ₹8 लाख करोड़ की संपत्ति बाजार में गिरावट के कारण साफ हो गई।
बुधवार सुबह के कारोबार में यह नुकसान करीब ₹4 लाख करोड़ का था, लेकिन ट्रंप के बयान के बाद दोपहर तक बिकवाली इतनी तेज हो गई कि यह नुकसान बढ़कर लगभग ₹8 लाख करोड़ तक पहुंच गया।
फिलहाल बाजार के जानकार निवेशकों को सतर्क रहने और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर पैनी नजर रखने की सलाह दे रहे हैं।
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