DRI की कार्रवाई: कांडला पोर्ट पर 3 करोड़ के पाकिस्तानी खजूर जब्त
DRI का बड़ा एक्शन: भारत में बैन के बावजूद UAE के रास्ते आ रहे 3 करोड़ के पाकिस्तानी खजूर जब्त”
गांधीनगर/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत द्वारा पाकिस्तान से आने वाले माल के आयात पर लगाए गए प्रतिबंध को दरकिनार कर तस्करी करने वाले सिंडिकेट पर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई – DRI) ने करारा प्रहार किया है।
डीआरआई ने एक खुफिया अभियान के तहत गुजरात के कांडला बंदरगाह (Kandla Port) पर 3 करोड़ रुपये मूल्य का 364 मिलियन टन पाकिस्तानी सूखा खजूर (Dry Dates) जब्त किया है। तस्करों ने इस खेप को भारत लाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का फर्जीवाड़ा रचा था।
दुबई के रास्ते भारत भेजा गया माल
डीआरआई अधिकारियों को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर कांडला बंदरगाह पर आयातित सूखे खजूर से भरे 13 कंटेनरों को रोका गया।
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जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कागजों में इस खजूर को ‘यूएई (दुबई) से आयातित’ बताया गया था, जबकि हकीकत में यह खेप पाकिस्तान से आई थी।
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तस्करों ने पहले पाकिस्तानी खजूर को दुबई पहुंचाया। वहां इस माल को दूसरे कंटेनरों में स्थानांतरित (Repack) किया गया और फिर भारत निर्यात कर दिया गया ताकि भारतीय कस्टम की आंखों में धूल झोंकी जा सके।
सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की संबंधित धाराओं के तहत डीआरआई ने 3 करोड़ रुपये की इस पूरी खेप को जब्त कर लिया है और आयातकों पर प्रतिबंध से बचने के लिए मूल देश (Country of Origin) की गलत जानकारी देने का मामला दर्ज किया है।
तूतीकोरिन में भी पकड़ा गया था 1.4 करोड़ का पाकिस्तानी ‘गुग्गुल राल’
पाकिस्तानी माल की तस्करी का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले सप्ताह ही डीआरआई ने तमिलनाडु के तूतीकोरिन बंदरगाह पर 1.4 करोड़ रुपये मूल्य के 14 मिलियन टन पाकिस्तानी ‘गुग्गुल राल’ (Guggul Resin) को जब्त किया था।
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इस खेप को भी सोमालिया का बताकर दुबई के रास्ते भारत भेजा गया था।
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गुग्गुल राल एक ‘अत्यंत संकटग्रस्त’ श्रेणी (IUCN Red List) की प्रजाति है। इस मामले में जाली दस्तावेजों का उपयोग करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।
क्या कहता है भारत का कानून?
गौरतलब है कि विदेश व्यापार नीति 2023 (डीजीएफटी अधिसूचना संख्या 06/2025-26) के अनुसार, 2 मई 2025 से पाकिस्तान से उत्पन्न या निर्यात की जाने वाली सभी वस्तुओं का भारत में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
डीआरआई के ये सफल अभियान साबित करते हैं कि तस्करी और अवैध अंतरराष्ट्रीय व्यापार में लगे संगठित नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए भारतीय एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं।











