Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju holding a meeting with LoP Rahul Gandhi regarding the Delimitation Bill.

परिसीमन बिल पर विशेष सत्र की तैयारी? रिजिजू और राहुल की बैठक

परिसीमन बिल पर 15 अगस्त के बाद विशेष सत्र की सुगबुगाहट: रिजिजू-राहुल की लंबी बैठक, कांग्रेस करेगी विरोध”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

संसद के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी भारी गतिरोध को दूर करने के लिए सरकार ने कवायद तेज कर दी है।

इसी कड़ी में बुधवार को संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच एक लंबी और अहम बैठक हुई।

सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात के केंद्र में ‘परिसीमन बिल’ (Delimitation Bill) रहा, जिसे पास कराने के लिए सरकार 15 अगस्त के बाद संसद का एक विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर रही है।

16 से 18 अगस्त तक विशेष सत्र की संभावना

सूत्रों का कहना है कि सरकार 16 से 18 अगस्त के बीच संसद का विशेष सत्र बुला सकती है, जिसमें परिसीमन बिल पर चर्चा कर उसे पारित कराने की कोशिश होगी।

इस बिल पर व्यापक सहमति बनाने के लिए सरकार विभिन्न राजनीतिक दलों से लगातार संपर्क साध रही है:

  • किरेन रिजिजू को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से बात करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

  • प्रहलाद जोशी, पीयूष गोयल, अर्जुनराम मेघवाल और एल. मुरुगन

  • जैसे केंद्रीय मंत्रियों को अन्य विपक्षी दलों के नेताओं से संवाद स्थापित करने का जिम्मा दिया गया है।

अगले सप्ताह आएगा FCRA संशोधन बिल

विशेष सत्र की सुगबुगाहट के बीच, सरकार अगले सप्ताह संसद में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA Amendment Bill, 2026) भी पेश करने की तैयारी कर रही है।

हालांकि, विशेष सत्र की तारीखों और एजेंडे को लेकर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जल्द ही औपचारिक फैसला लिया जा सकता है।

कांग्रेस ने किया स्पष्ट- होगा परिसीमन बिल का विरोध

कांग्रेस ने परिसीमन बिल को लेकर अपना रुख पहले ही साफ कर दिया है। संसद के मानसून सत्र से पहले हुई कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में ही यह तय कर लिया गया था कि यदि सरकार परिसीमन बिल लाती है, तो पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी।

क्या है परिसीमन बिल और 850 सीटों का फॉर्मूला?

सरकार ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।

इसी के तहत सांसदों और विधायकों की संख्या बढ़ाने के लिए परिसीमन से जुड़े प्रावधानों वाला बिल सरकार सदन में ला रही है।

  • सीटों में इजाफा: इस बिल के पास होने और संविधान संशोधन के बाद लोकसभा में कुल सदस्यों की संख्या 543 से बढ़कर 850 हो जाएगी।

  • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का हिस्सा: इन 850 सीटों में से 815 सीटें राज्यों के लिए होंगी, जबकि 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के लिए आरक्षित रहेंगी।

  • इस अहम बदलाव को लागू करने के लिए सरकार को संविधान के अनुच्छेद 81 में संशोधन का प्रस्ताव पारित कराना होगा।