Donald Trump Iran Threat Truth Social

डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को खुली धमकी, समय तेजी से निकल रहा

“ईरान के पास समय नहीं बचा, जल्दी फैसला करें…” चीन से लौटने के बाद भड़के डोनाल्ड ट्रंप; नेतन्याहू के साथ फोन कॉल के बाद दी खुली धमकी

वॉशिंगटन/तेहरान: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी महायुद्ध के बीच वैश्विक राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त और खुली धमकी दी है।

चीन के दौरे से बिना किसी बड़ी सफलता के लौटने के बाद, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट लिखी है।

डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा,

“ईरान के लिए समय तेजी से निकल रहा है। उन्हें बहुत जल्दी कदम उठाना होगा, वरना उनके पास कुछ भी नहीं बचेगा। समय बेहद महत्वपूर्ण है।”

नेतन्याहू के साथ खुफिया बातचीत के बाद आया बयान मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप का यह तीखा बयान इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ फोन पर हुई एक उच्च स्तरीय बातचीत के बाद सामने आया है।

माना जा रहा है कि अमेरिका और इजराइल मिलकर ईरान पर चौतरफा दबाव बढ़ाने की रणनीति अपना रहे हैं।

ट्रंप के साथ फोन कॉल के तुरंत बाद नेतन्याहू ने अपने करीबी मंत्रियों के साथ एक आपातकालीन सुरक्षा बैठक भी की, जिससे इस क्षेत्र में दोबारा सैन्य हलचल बढ़ने की आशंका गहरा गई है।

वार्ता में गतिरोध: अमेरिका को ईरान की शर्तें मंजूर नहीं

दरअसल, दोनों देशों के बीच युद्ध को पूरी तरह रोकने के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत चल रही है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंधों और क्षेत्रीय संघर्षों को लेकर गतिरोध (Deadlock) बना हुआ है।

ईरान ने युद्धविराम स्थायी करने के लिए जो शर्तें रखी हैं, उन्हें अमेरिका मानने को तैयार नहीं है। अमेरिका का मुख्य जोर इस बात पर है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करे और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को सामान्य बनाए।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का अड़ियल रुख

वैश्विक व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ की नाकेबंदी को लेकर ईरान ने अपना रुख साफ कर दिया है।

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘मेहर’ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के हवाले से कहा,

“स्वाभाविक रूप से, एक बार जब अमेरिका और इजराइल के साथ मौजूदा संघर्ष और असुरक्षा की स्थिति समाप्त हो जाएगी, तो होर्मुज में शिपिंग की स्थितियां खुद-ब-खुद सामान्य हो जाएंगी।”

हालांकि, अभी दोनों पक्ष किसी समझौते के करीब पहुंचते नहीं दिख रहे हैं।

28 फरवरी को भड़का था महायुद्ध

गौरतलब है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच इस सीधे युद्ध की शुरुआत इसी साल 28 फरवरी को हुई थी।

अमेरिकी और इजरायली वायुसेना की भीषण बमबारी में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुलला अली खामेनेई और कई शीर्ष सैन्य कमांडर मारे गए थे, जिसके बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध भड़क उठा था।

जवाबी कार्रवाई में ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। इसके बाद, बीती 8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच एक अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) पर सहमति बनी थी, जो अब ट्रंप के इस बयान के बाद दोबारा खतरे में नजर आ रही है।