DM की सख्त हिदायत: राशन कार्डों की 100% ई-केवाईसी करें सुनिश्चित
राशन कार्डधारकों के लिए अलर्ट: DM ने दिए शत-प्रतिशत ई-केवाईसी और ‘आधार सीडिंग’ के सख्त निर्देश”
जौनपुर : द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. ने कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य एवं रसद विभाग की एक अहम समीक्षा बैठक की।
शनिवार देर शाम आयोजित इस बैठक में राशन वितरण, ‘आधार सीडिंग’, ई-केवाईसी (e-KYC) और अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।
डीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र लाभार्थी तक बिना किसी बाधा के पहुंचना चाहिए।
ई-केवाईसी और राशन वितरण पर मुख्य फोकस
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी राशन कार्डधारकों की बची हुई ई-केवाईसी की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करते हुए शत-प्रतिशत (100%) लक्ष्य हासिल किया जाए।
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निलंबित राशन दुकानें: जिन ग्राम पंचायतों में उचित दर की दुकानें (राशन की दुकानें) निलंबित हैं, वहां के कार्डधारकों को पास की संबद्ध दुकानों से बिना किसी परेशानी के पूरा राशन दिलाया जाए।
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रिक्त दुकानों का आवंटन: रिक्त पड़ी दुकानों के आवंटन के लिए लंबित प्रस्तावों का जल्द निस्तारण करने के लिए बीडीओ (BDO) और एसडीएम (SDM) की उपस्थिति में बैठक कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सिंगल स्टेज डिलीवरी और जियोफेंसिंग का सख्ती से पालन
खाद्यान्न के उठान और वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए डीएम ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी को एफसीआई (FCI) और परिवहन ठेकेदारों के बीच बेहतर समन्वय बनाने को कहा।
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ठेकेदारों को सख्त हिदायत दी गई कि खाद्यान्न का वितरण निर्धारित ‘जियोफेंस’ (Geofence) के भीतर ही किया जाए।
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सिंगल स्टेज डिलीवरी व्यवस्था के तहत उचित दर विक्रेताओं को राशन मिलने के बाद उसकी ‘रिसीविंग’ अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए।
अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण में आएगी तेजी
निर्माणाधीन मॉडल शॉप और अन्नपूर्णा भवनों की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि जो भवन अधूरे हैं, उनका निर्माण जल्द पूरा किया जाए और काम की गुणवत्ता व फिनिशिंग पर खास ध्यान दिया जाए।
जिन ग्राम पंचायतों में अभी तक अन्नपूर्णा भवन के लिए जमीन नहीं खोजी गई है, वहां पंचायत भवन या विद्यालय के पास सुगम स्थानों पर जमीन का चयन करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया और आश्वस्त किया कि जिले में एलपीजी (LPG) गैस और आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
जिलाधिकारी ने अंत में अधिकारियों को निर्देश दिया कि खाद्यान्न वितरण से जुड़ी सभी जानकारियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि आम जनता जागरूक हो सके।











