How to complain about unauthorized bank deduction in UP?

जौनपुर: जनसुनवाई में डीएम का ‘इंस्टेंट एक्शन’, बैंक को तुरंत लौटानी पड़ी महिला के खाते से काटी गई रकम; डीएम ने ओढ़ाया कंबल

“बैंकिंग सेवाओं में मनमानी और ग्राहकों की बिना सहमति के पैसे काटने की शिकायतों के बीच जौनपुर से एक राहत भरी खबर आई है”

[जौनपुर] | The Politics Again

यहाँ जिलाधिकारी (DM) डॉ. दिनेश चंद्र की तत्परता और सख्ती के चलते एक पीड़ित महिला को बैंक द्वारा जबरन काटी गई रकम वापस मिल गई है। मामला बैंक ऑफ बड़ौदा, जेसीज चौराहा शाखा का है।

क्या था पूरा मामला?

मुरादगंज (थाना लाइनबाजार) की रहने वाली श्रीमती माधुरी देवी, पत्नी विजय कुमार ने जिलाधिकारी की जनसुनवाई के दौरान एक शिकायत दर्ज कराई थी। माधुरी देवी का आरोप था कि बैंक ऑफ बड़ौदा की जेसीज चौराहा शाखा ने उनकी सहमति के बिना उनके खाते से बीमा (Insurance) के नाम पर धनराशि काट ली है और उसे बीमा मद में स्थानांतरित कर दिया है।

डीएम ने बैंक अधिकारियों को किया तलब

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सभी आवश्यक दस्तावेजों (Records) के साथ कलेक्ट्रेट कार्यालय में तलब कर लिया।

मौके पर ही न्याय और धनवापसी

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी ने खुद इस प्रकरण की सुनवाई की। बैंक अधिकारियों और शिकायतकर्ता के सामने दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें महिला की शिकायत सही पाई गई। डीएम के निर्देश पर बैंक ने तत्काल प्रभाव से शिकायतकर्ता माधुरी देवी को उनकी धनराशि उपलब्ध करा दी। अपनी मेहनत की कमाई वापस पाकर माधुरी देवी ने भावुक होकर जिलाधिकारी और शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

मानवीय पहल: डीएम ने भेंट किया कंबल

समस्या का समाधान होने के बाद, जिलाधिकारी ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कलेक्ट्रेट में ही श्रीमती माधुरी देवी को ठंड से बचाव के लिए कंबल भी वितरित किया।

सीएम के निर्देशों का हो रहा पालन

इस मौके पर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार जनपद में बैंकिंग सेवाओं से संबंधित शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जा रहा है।

उन्होंने जनपदवासियों को आश्वस्त किया कि वित्तीय मामलों में आम जनता के हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।